धारा 144 के बीच होगा यूपी पंचायत चुनाव का प्रचार और मतदान, इन बाताें का रखना होगा ध्यान

लखनऊ. प्रदेश में कोरोना वायरस (Corona Virus) के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में यूपी सरकार ने पंचायत चुनाव को अत्यंत सावधानी से कराने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार के आदेश के तहत सभी जिलों में यह नियम लागू किया गया है कि पांच से अधिक व्यक्तियों के एक जगह एकत्र नहीं होने दिया जाए। इसके लिए जिले में धारा 144 लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों व पुलिस कप्तानों को सोमवार को देर रात पत्र भेजा।

पांच से ज्यादा लोग न हों एकत्र

अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि पंचायत चुनाव के दौरान प्रचार के लिए आयोजित किए जाने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक सभाओं के लिए किसी भी गांव में पांच से ज्यादा लोग एकत्र न होने पाएं। इसका कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए आवश्यकतानुसार जिले में धारा 144 लागू कर दी जाए। अगर किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा इसका उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए। कोविड-19 को देखते हुए सार्वजनिक भोज आदि की व्यवस्था भी न की जाए।

जमानत राशि बनवाने में खर्च हुए करोड़ों

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान हो चुका है। यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव में सरकार के करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। उधर, दूसरे माध्यम से सरकार ने कमाई की है। 27 मार्च से तीन अप्रैल के बीच जिला प्रशासन अनापत्ति प्रमाण पत्र बनाने और जमानत राशि जमा करवाने में 7 करोड़ 78 लाख 53 हजार 700 रुपये की कमाई की है। दरअसल, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को कुछ जरूरी कागजात बनवाने पड़ते हैं। इसके लिए सरकार ने कुछ शुल्क निर्धारित कर रखा था। थोड़ा-थोड़ा कर हजारों प्रत्याशियों ने यह शुल्क दिया तो इसकी राशि यानी कि इससे कमाई करोड़ों में हो गई।

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