कोरोना का इलाज होगा बेहतर- सरकार रेमडेसिविर की 4.5 लाख खुराक का करेगी आयात

रेमडेसिविर का आयात 

रेमडेसिविर का आयात 

नई दिल्ली। देश में जिस हिसाब से कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है उतनी सरकार की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। कोरोना पर अंकुश लगाने के हर मुमकिन प्रयास कर चुकी सरकार अब बस इस घातक बीमारी के इलाज पर अपना पूरा फोकस कर रही है। इसीलिए सरकार ने वायरस रोधी दवा रेमडेसिविर (Remdesivir) की 4.5 लाख खुराक (Dose) मंगाने के लिये आर्डर दिया है जिसमें से 75,000 शीशियों की पहली खेप आज यानी शुक्रवार को भारत पहुंच जाने की उम्मीद है।

रेमडेसिविर की बढ़ी मांग

उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने एक वक्तव्य में यह जानकारी दी है। मंत्रालय ने कहा है कि देश में इस दवा की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने Remdesivir का आयात (Import) करना शुरू किया है। इसकी 75,000 शीशियों की पहली खेप शुक्रवार को भारत पहुंच जायेगी। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने के साथ रेमडेसिविर की मांग कई गुणा बढ़ गई है। वायरस रोधी इस दवा का इस्तेमाल कोविड- 19 संक्रमण के इलाज में किया जाता है। मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकारी कंपनी एचएलएल लाईफकेयर लिमिटेड ने साढे चार लाख रेमडेसिविर की खुराक के लिये अमेरिका की कंपनी मैसर्स गिलीड साइंसिज इंक और मिस्र की दवा कंपनी मैसर्स इवा फार्मा को आर्डर दिया है। इसमें कहा गया है कि यह माना जा रहा है कि गिलीड साइंसिज अगले एक से दो दिन के भीतर 75,000 से लेकर एक लाख खुराक भारत भेज देगी। इसके बाद 15 मई अथवा उससे पहले एक लाख और दवा की शीशियां भारत पहुंच जायेंगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि वहीं इवा फर्मा शुरुआत में दस हजार खुराक भेजेगी और उसके बाद प्रत्येक 15 दिन में जुलाई तक 50 हजार शीशियां भेजती रहेगी।