मुख्तार अंसारी के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन, 72 लाइसेंस निरस्त, किला भी ढहाया गया, 12 अप्रैल को कोर्ट में पेशी

लखनऊ. पूर्वांचल के माफिया डॉन और विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) देर रात बांदा जेल पहुंच गया और उसे बैरक नं 15 में रखा गया है। मुख्तार के यूपी पहुंचने के साथ ही उस पर मुकदमों की सुनवाई तेज होने वाली है। 2003 में लखनऊ जेल के जेलर और डिप्टी जेलर पर पथराव करने के मामले में मुख्तार को एमपी एमएलए कोर्ट ने 12 अप्रैल को तलब किया है। मुख्तार पर ताबड़तोड़ एक्शन की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। योगी सरकार ने मुख्तार के अभेद्य किले को ढहा दिया है। माफिया और उसके सहयोगियों के कब्जे से सरकारी जमीन भी खाली करा दी गई है। सरकारी जमीन खाली कराने, ध्वस्तीकरण और संपत्ति जब्त करने की कीमत 192 छह लाख 22 हजार रुपये आंकी गई है। 41 करोड़ रुपये की सालाना अवैध आय को बंद भी कराया है। पुलिस ने मुख्तार की गैंग के 96 सदस्यों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा है। इनमें 75 के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की है।

72 शस्त्र लाइसेंस निरस्त

योगी सरकार ने मुख्तार और उसके गुर्गों के 72 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए हैं। गुंडा एक्ट के तहत 12 अपराधियों को जिला बदर भी किया गया है। पुलिस ने गिरोह के अल्तमश, अनीस, मोहर सिंह, जुल्फेकार कुरैशी, तारिक, मो. सलमान, आमिर हमजा, मो. तलहा, जावेद आरजू, मो. हाशिम, राशिद और अनुज कनौजिया को छह माह के लिए जिला बदर किया है और 10 अपराधियों के खिलाफ गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

माफिया की पत्नी सहित 12 के खिलाफ मुकदमा

पुलिस ने मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी समेत 12 लोगों के खिलाफ जालसाजी पर पट्टे की जमीन हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि मुख्तार की पत्नी व बेटे अब्बास और उमर ने इस जमीन को होटल बनाने के लिए हड़पा था। इस पर मुकदमा किया गया है। साथ ही पत्नी और उसके भाई के खिलाफ गैंगेस्टर में भी मुकदमा किया गया है। इनके कब्जे से पुलिस ने करीब 2.75 करोड़ की जमीन खाली कराई है।

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सहयोगियों के ठिकानों पर दबिश

लखनऊ पुलिस ने माफिया के सहयोगियों के ठिकानों पर दबिश में मोबाइल, पांच वायरलेस सेट, छह बैट्री, एक बुलेट प्रूफ फार्च्यूनर कार, तीन अवैध असलहे और 24 टिफिन बरामद किए हैं। इसके अलावा मुख्तार के निकट सहयोगी हरविंदर सिंह उर्फ जुगनू की दो करोड़ 31 लाख 46 हजार की संपत्ति भी जब्त की है।

12 अप्रैल को पेशी

मुख्तार अंसारी को साल 2003 में लखनऊ जेल के जेलर और डिप्टी जेलर पर पथराव के मामले में आरोप तय करने के लिए एमपी-एमएलए कोर्ट ने 12 अप्रैल को मुख्तार अंसारी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है। मुख्तार के अलावा इस मामले में यूसुफ चिश्ती, आलम, कल्लू पंडित और लालजी यादव पर भी आरोप तय होने हैं। युसूफ चिश्ती और आलम फिलहाल जेल में बंद हैं, जबकि कल्लू पंडित और लालजी यादव जमानत पर बाहर हैं। मुख्तार की गैरमौजूदगी की वजह से ही इस मामले में अब तक आरोप तय नहीं हो पा रहे थे। एमपी एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज पीके राय ने मुख्तार अंसारी को पेश कराने के लिए यूपी पुलिस और रोपड़ जेल को भी निर्देश दिए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी।

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