बढ़ते हुए कोरोना महामारी को हराने के लिए रक्षा मंत्रालय ने उठाये ये जरूरी कदम…

देश में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है. कोरोना संक्रमित मरीज बहुत ही बड़ी संख्या में सामने आ रहें हैं. कोरोना के दूसरी लहर ने मानव जीवन को तबाह करके रख दिया है. इसलिए रक्षा मंत्रालय ने कोरोना से निपटने के लिए बहुत ही बड़ा कदम उठाया है और रक्षा मंत्रालय ने यह फैसला 23 अप्रैल को लिया है. रक्षा मंत्रालय ने आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज के लिए आपातकालीन वित्तीय अधिकार दिए हैं. जो कोरोना काल में बहुत बड़ी बात है.

आपको बता दें कि इसका उपयोग कोरोना संक्रमण के उपचार के लिए आवश्यक सामान जैसे दवाइयां और जरूरी चीजें खरीदने के लिए किया जायेगा. रक्षा मंत्रालय के अनुसार डायरेक्टर जनरल मेडिकल सर्विसेज सेना, नौसेना, वायुसेना, कमान और फार्मेशन के मेडिकल हेड, कमान मेडिकल ऑफिसरों और प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसरों को ये वित्तीय अधिकार दिए गये हैं जिनमें लेफ्टिनेंट जनरल, मेजर जनरल और ब्रिगेडियर रैंक के अफसर शामिल रहेंगें और आपको बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के लिए 5 करोड़, मेजर जनरल को 3 करोड़ और ब्रिगेडियर रैंक के अफसर को 2 करोड़ रूपए खर्च करने का अधिकार दिया गया है.

रक्षा मंत्रालय ने एक और विशेष फैसला लिया है. रक्षा मंत्रालय के फैसला के अनुसार शॉर्ट सर्विस कमिशन के तहत भर्ती डॉक्टरों की नौकरी की समय सीमा में बढ़ोतरी की है. डाक्टरों को इस वर्ष यानि की 31 दिसम्बर तक रिटायर नहीं किया जायेगा. सेना में कोरोना को हराने के लिए 238 डाक्टरों की सेवा मिलेगी. इसी के साथ ही पहले के सैनिकों के कोरोना के उपचार के लिए भी व्यवस्थायें की गयी हैं.