भारत के दबाव के आगे बायडन को झुकना पड़ा, आया अमेरिका से बड़ा बयान

भारत जब सही स्थिति में था तब भारत ने दुनिया भर की मदद की थी और ये चीज हम लोगो ने भी देखी है कि जिस देश को जो दवाई की जरूरत थी तब भारत ने वो सब कुछ किया और ये अपने आप में बहुत ही बड़ा और शानदार काम रहा, मगर इन दिनों में भारत में केसेज की संख्या काफी द्रुत गति से बढ़ी है और आज भारत में जो टीके की निर्माण क्षमता है वो अमेरिका के कारण से बाधित हो रही थी. अमेरिका ने अपने देश से बाहर टीके से जुड़े कुछ कच्चे सामान के निर्यात के लिए रोक लगा रखी है जो टीको के निर्माण को रोक रहा था.

कुछ दिन पहले भारत के लिए कुछ भी करने से नकार रहा था अमेरिका
अभी महज हफ्ते भर पहले की बात है जब भारत के कई उद्योगपतियों और डिप्लोमेटिक चैनल्स ने भी अमेरिका से बात करने की कोशिश की और उनसे कहा गया कि वो अब भारत के लिए कम से कम ये निर्यात को खोल दे क्योंकि भारत सिर्फ अपने लिये टीके नही बना रहा है बल्कि दुनिया भर के लिए बना रहा है, ऐसे मे अगर अमेरिका मदद नही करेगा तो फिर दुनिया भर में ये स्थिति और अधिक खराब हो सकती है. मगर बार बार चाहे वाइट हाउस की स्पोक्सपर्सन हो या फिर एंथनी फाऊची हो सबने यही कहा कि हम अभी कुछ नही कर सकते.

अब बदले सुर, अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने कहा जो मदद हो सकेगी करेंगे
अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट यानी विदेश मानती ने हाल ही में अपने बयान में भारत को मेंशन करते हुए कहा है कि हम अभी अपने भारत सरकार में पार्टनर्स के साथ में काफी करीबी के साथ में काम कर रहे है और जल्द ही हम अपनी तरफ से अतिरिक्त सहायता भारत के लोगो को और भारत के हेल्थकेयर सिस्टम को प्रदान करेंगे ताकि भारत इस करोना के प्रकोप से बाहर आ सके.

इस बयान से ये लगभग तय माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही दिनों के भीतर अमेरिका अब भारत को निर्यात होने वाले टीके के कच्चे सामान पर से रोक हटा लेगा और भारत अपनी पूर्ण क्षमता के साथ में टीको का उत्पादन करके इस बीमारी को जड़ से ही खत्म कर देगा.