अब कोरोना टेस्ट कराने पर तुरंत मिलेगी रिपोर्ट, ये कंपनियां अपनी जांच सुविधाओं का कर रहीं विस्तार

कोरोना जांच रिपोर्ट

कोरोना जांच रिपोर्ट

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस (Corona Virus India) के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर बड़े शहरों जैसे, दिल्ली, मंबई, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में तो स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। देश में इन बढ़ते मामलों के बीच अब कोरोना की जांच करने वाली प्रमुख कंपनियां अपनी जांच सुविधाओं का विस्तार करने जा रही हैं। इन प्रमुख कंपनियों जैसे एसआरएल डायग्‍नोस्टिक्‍स (SRL Diagnostics), डॉ. लाल पैथलैब्स (Dr. Lal Pathlabs) और थायरोकेयर टैक्नोलॉजीज (Thyrocare Technologies) अपनी जांच सुविधाओं व कार्यबल का विस्तार करने जा रही हैं। इससे ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि इसके बाद कोरोना टेस्ट (Corona Test) की बढ़ी मांग को पूरा किया जा सकेगा और रिपोर्ट भी जल्द उपलब्ध कराई जा सकेगी। गुरुग्राम स्थित एसआरएल डायग्‍नोस्टिक्‍स के सीईओ के. आनंद ने कहा कि कंपनी अधिक से अधिक कार्यबल को नेटवर्क में शामिल कर रही है। कार्यबल के साथ ही मशीनों और प्रौद्योगिकी को भी बढ़ाया जा रहा है ताकि रिपोर्ट आने में लगने वाला समय कम किया जा सके।

इन शहरों में लैब्‍स शुरू करेगी SRL Diagnostics

आनंद ने कहा कि हमारे पास पहले से ही 15 आरटी-पीसीआर लैब हैं। जल्द ही हम पांच ऐसी नई लैब शुरू करने जा रहे हैं। ये लैब्‍स कालिकट, जयपुर, सूरत, लखनऊ और हिमाचल प्रदेश में शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही नमूने जुटाने के काम में भी तेजी लाई जाएगी।

RT-PCR जांच की मांग तेजी से बढ़ी

डॉ. लाल पैथ लैब ने कहा कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच RT-PCR जांच की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे हमारी परीक्षण गतिविधियां भी बढ़ी हैं। देश में 13 जगह पर हमारी आरटी-पीसीआर लैब काम कर रही है। साथ ही हम पांच और स्थानों पर लैब्‍स लगाने की प्रक्रिया में हैं। हमारा अनुमान है कि नए स्थानों पर ये लैब्‍स तीन से चार सप्ताह में काम करना शुरू कर देंगी।

नमूने जुटाने वाले प्रवासी कर्मचारी लौटे अपने गांव

डॉ. लाल पैथ लैब ने कहा कि कंपनी अपनी मौजूदा सुविधाओं का भी विस्तार कर रही है. नवी मुंबई की थायरोकेयर टैक्नोलॉजीज के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक ए. वेलुमणी ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण मामलों के बढ़ने के साथ ही नमूना संग्रह करने वाले कुछ कर्मचारियों ने गांव लौटना शुरू किया है। इससे नमूनों को जुटाने के काम पर असर पड़ा है। नमूनों को जुटाने वाले प्रवासी कर्मचारियों में 50 फीसदी अपने गांवों जा चुके हैं। दिल्ली और मुंबई दोनों जगह पर यह स्थिति है। इसलिए लोगों के घर से कोरोना जांच के नमूने जुटाने का काम रुक सा गया है।