कोविड मरीज ने परिवार वालों से की बात, रोते हुए कहा 'मुझे अस्पताल से निकाल लो, यह मुझे मार देंगे', अगले ही पल मौत

लखनऊ. Covid Cases Death due to Covid- प्रदेश में कोविड (Covid-19) की मौजूदा स्थिति के बीच राजधानी लखनऊ के एक निजी अस्पताल से बड़ी लापरवाही सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि कोविड वॉर्ड में भर्ती मरीज के इलाज में लापरवाही की गई है जिससे कि उसकी मौत हो गई। मरीज को कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां पर उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव बताई गई। भर्ती होने के बाद मरीज ने घरवालों को फोन कर कहा, "मुझे इस हॉस्पिटल से निकाल लो नहीं तो यह लोग मार देंगे।" अगले ही दिन मरीज की मौत हो गई।

दो बार निगेटिव थी रिपोर्ट

14 अप्रैल को अमीनाबाद निवासी मोहम्मद कलाम को निमोनिया की शिकायत पर लखनऊ के कोवा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार कोवा अस्पताल में भर्ती कराने से पहले मरीज को 12 अप्रैल को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां जांच में उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसके बाद 13 अप्रैल उसे निजी अस्पताल से बलरामपुर अस्पताल भेजा दिया गया। वहां भी रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद बलरामपुर अस्पताल से डिस्चार्ज करने की बात कही गई। तभी एंबुलेंस चालक की मदद से कलाम को कोवा अस्पताल मुंसी पुलिया पर भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि मरीज को कोवा हॉस्पिटल में 14 अप्रैल की सुबह भर्ती कराया गया था। यहां उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई थी। जबकि मरीज की हालत में सुधार था और वह पूर्ण रूप से स्वस्थ थे।

फोन पर कहा था, मुझे बचा लो

हॉस्पिटल प्रशासन पर मृतक के परिवार वालों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मौत से पहले उन्होंने कलाम से फोन पर बात की थी। इस दौरान वीडियो कॉल भी किया था। भर्ती होने के बाद कलाम ने घरवालों को फोन कर कहा कि "मुझे इस हॉस्पिटल से निकाल लो नहीं तो यह लोग मार देंगे। परिजन जब कलाम को समझाने लगे तो उसने कहा- "अगर यकीन नहीं है तो सुबह तक हम जीवित नहीं मिलेंगे।" और अगले ही क्षण उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जब हॉस्पिटल के डॉक्टर जावेद से बात की गई उन्होंने गोलमोल जवाब दिया, लेकिन मरीज से बात नहीं कराई गई।

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