योगी सरकार का बड़ा फैसला, गरीबों के खाते में फिर डाले जाएंगे रुपये, मुफ्त मिलेगा राशन

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. कोरोनावायरस की दूसरी लहर से पैदा संकट के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। यूपी सरकार एक बार फिर गरीबों और मजदूरों की मदद (UP Government will Help Poors) को आगे आई है। उत्तर प्रदेश सरकार एक बार फिर से गरीबों और मजदूरों को वित्तीय सहायता और उन्हें मुफ्त में राशन (Give Money in Bank Account and Free Ration) उपलब्ध कराएगी। सरकार वित्तीय सहायता के रूप में सीधे उनके खाते में रुपये डालेगी। इसके लिये कवायद शुरू करने का आदेश दे दिया गया है।


उत्तर प्रदेश में एक बार फिर तेजी से पांव पसार रही कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) का संकट बढ़ रहा है। हालांकि लाॅकडाउन (Lockdown) तो नहीं लगा है, लेकिन नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) और बाजार के खोलने बंद करने आदि का समय तय करने समेत कई प्रतिबंध लौट आए हैं। ऐसे में गरीबों और मजदूरों को खाने-पीने की कोई दिक्कत न हो, इसको देखते हुए योगी सरकार ने ये फैसला लिया है। कोरोना संकट से निपटने, इसकी रोकथाम व जरूरी इलाज और इंतजाम आदि को सीएम योगी आदित्यनाथ की लेकर उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने इसके लिये निर्देश दिये हैं।


इसके तहत बीते साल की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री भरण/पोषण और भत्ता देने के लिये अधिकारियों को पात्रों की सूची अपडेट करने को कहा है। भत्ता वितरण डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत सीधे खाते में किया जाएगा। इसके अलावा मुफ्त राशन के लिये राशन वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा करने को कहा है। कोरोना संक्रमण बढ़ने के चलते दूसरे राज्यों से पलायन करके वापस लौट रहे मजदूरों और जरूरतमंदों की जरूरतों का खयाल रखने के निर्देश दिये हैं। इनकी कोरोना जांच की जाएगी। रिपोर्ट पाॅजिटिव आने पर इन्हें क्वानंटीन किया जाएगा। क्वारंटीन सेंटरों में चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ ही भोजन की व्यवस्था समेत सभी जरूरी इंतजाम होंगे। कहा गया है कि यूपी के 60 जिलों में शुक्रवार तक ऐसे क्वारंटीन सेंटर सक्रिय हो चुके हैं।


शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम योगी ने दोहराया कि बीते साल किस तरह से सरकार ने कोरोना संकट से उपजी चुनौतियों का सामना करने के लिये काम किये थे। मजदूरों, स्ट्रीट वेंडरों, रिक्शा चालकों, पल्लेदारों, कुलियों आदि को भरण/पोषण के लिये सीधे उनके बैंक खाते में ऑनलाइन भत्ता दिया गया था। संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को दो बार और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को एक बार भत्ता दिया गया था। 15 दिन के राशन की किट का वितरण किया गया था। राशन कार्ड की बाध्यता समाप्त कर कर महीने में एक बार पीएम गरीब कल्याण योजना व दूसरी बार सार्वजनिक वितरण प्रणानली के जरिये राशन उपलब्ध कराया गया। कम्युनिटी किसन की व्यवस्था की गई और करोड़ों भोजन के पैकेट वितरित किये गए।