घरों पर लगाई जाएंगी यूनिक आईडी नंबर प्लेट, हर डिजिट में दर्ज होगी ये जानकारियां

लखनऊ. अब घरों की भी अपनी पहचान होगी। पहले मकानों की पहचान पते से होती थी। वह आवासीय है या व्यसायिक इसकी पहचान नहीं हो पाती थी। लेकिन अब डिजिटल माध्यम से सारी जानकारी रहेगी। इससे टैक्स भुगतान में भी आसानी होगी। नगर निगम हाईटेक व्यवस्था लागू कर घरों पर यूनिक आईडी की प्लेट लगवाएगा। सभी घरों की ऑनलाइन ट्रैकिंग होगी।

गोमती नगर और इंदिरा नगर सहित कुछ इलाकों में गृहकर के लिए ज्योग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) सर्वे का काम पूरा हो गया है। वहां के घरों पर अब जल्द ही यूनीक आईडी की नंबर प्लेट लगाने काम शुरू हो जाएगा। इससे पहले वाराणसी में शासन के आदेश के बाद मानकों के आधार पर मकानों को यूनिक आईडी देने की शुरुआत की गई थी। वाराणसी शहर में अब तक 39000 मकानों को उनकी पहचान मिल गई है।

17 डिजिट का होगा यूआईडी

आमतौर पर इंसानों का आधार कार्ड 12 डिजिट का होता है। लेकिन मकान पर लगने वाले ये यूनिक आईडी नंबर 17 डिजिट का होगा। साथ ही, आधार कार्ड की तरह ही मकानों की यह यूनिक आईडी हर जगह पहचान के तौर पर इस्तेमाल की जाएगी।

इस तरह की होगी यूआईडी

- पहला-दूसरा नंबर- स्टेट कोड

- तीसरा-चौथा नंबर - जिले के कोड

- पांचवा-छटा नंबर - यानी नगर निगम, नगर पालिका या पंचायत कोड.

- सातवां-आठवां नंबर- जोन कोड

इसके बाद वॉर्ड कोड, मोहल्ला कोड और अंत में हाउस कैटेगरी कोड (रेजिडेंशियल है या कॉमर्शियल) लिखा जाएगा। रेजिडेंशियल के लिए मकान पर आर लिखा जाएगा। वहीं, नॉन-रेजिडेंशियल के लिए एन लिखा जाएगा। मिश्रित संपत्ति (Mixed Property) के लिए एम लिखा जाएगा।

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