यूपी के ऑक्सीजन प्लांटों की सांसें फूली, अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट

लखनऊ. यूपी कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उस पर से सरकारी अस्पतालों, कोविड अस्पतालों और निजी अस्पतालों में आक्सीजन की डिमांड बढ़ गई है। आक्सीजन की कमी की वजह से कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने से सभी हाथ खड़े कर दे रहे हैं। यूपी में 40 आक्सीजन प्लांट में रोजाना 36,600 सिलेंडर का उत्पादन हो रहा है जबकि 60 हजार आक्सीजन सिलेंडर (UP 40 Oxygen Plant) की डिमांड हो रही है। आक्सीजन गैस कंपनी मांग अनुरूप आपूर्ति नहीं कर पा रही है। आक्सीजन सिलेंडर की कमी को दूर करने के प्रबंधन में सरकार जुट गई है। सीएम योगी ने अपने अफसरों को निर्देश दिया कि, यूपी दस नए ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen crisis) शीघ्र स्थापित किए जाएं। वहीं एसजीपीजीआई ने एक सप्ताह में अपने कैम्पस में 20 हजार लीटर का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर दिया है।

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चार घंटे में एक जंबो सिलेंडर की खपत:- कोविड अस्पतालों में भर्ती होने वाले अति गंभीर मरीजों व वेंटिलेटर पर जाने वाले मरीजों पर चार घंटे में एक जंबो सिलेंडर की खपत हो रही है। एक जंबो सिलेंडर में करीब 13 लीटर ऑक्सीजन होती है। अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों में 70 फीसदी गंभीर हैं। निजी गैस कंपनी के मैनेजर ने बताया कि, फरवरी तक निजी अस्पतालों में रोजाना अनुमान के अनुसार, करीब 16 हजार जंबो सिलेंडर की खपत थी। सरकारी, अर्द्ध सरकारी, निजी मेडिकल कॉलेज में 15 से 20 हजार सिलेंडर लगते थे। अब कोविड अस्पतालों में ही रोजाना करीब 25 हजार सिलेंडर की खपत है।

डिमांड बढ़ी:- बलरामपुर अस्पताल में मार्च में रोजाना 80-.90 ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रयोग होता था। कोविड अस्पताल बनने के बाद यहां ऑक्सीजन की मांग 500 सिलेंडर पहुंच गई। बलरामपुर अस्पताल के कार्यवाहक निदेशक डॉ जीपी गुप्ता ने बताया कि, संकट के बीच किसी तरह काम चला रहे हैं। यही हाल लोकबंधु अस्पताल का है। यहां भी करीब 500 सिलेंडर की मांग है। सीएमएस डॉ अमिता यादव के मुताबिक, गैस कंपनी 250-300 सिलेंडर ही दे पा रही है। लोहिया संस्थान में जहां पहले रोजाना 40-45 सिलेंडर की जरूरत पड़ती थी, वहां अब 150-.200 से अधिक सिलेंडर तक खत्म रहे हैं। लोहिया के हॉस्पिटल ब्लॉक में 350 बेड की क्षमता है। यहां मरीज भी अधिक होते हैं और उसी अनुपात में सिलेंडर की जरूरत पड़ रही है।

दस नए प्लांट लगाने की घोषणा:- ऑक्‍सीजन की कमी पर गंभीरता दिखते हुए सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने अपने अफसरों को दिशा.निर्देश देते हुए, यूपी में ऑक्‍सीजन की किल्‍लत खत्म करने के लिए सूबे के अलग.अलग स्थानों पर 10 नए ऑक्सीजन प्लांट शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। आला अधिकारियों को 10 नवीन ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए स्‍थान चिन्हित कर युद्धस्तर पर कार्यवाही शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसकी जिम्मेदारी सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री और अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को सौंपी है। प्रत्‍येक ऑक्‍सीजन प्‍लांट के लिए 63 लाख रुपए दिए गए हैं। इस प्रकार कुल दस ऑक्‍सीजन प्‍लांट को बनाने में करीब छह करोड़ रुपए से अधिक धनराशि पास की गई है।

सभी अस्पतालों में 36 घंटे ऑक्सीजन बैकअप के निर्देश:- इसके अलावा सीएम योगी ने प्रदेश के सभी अस्‍पतालों में अगले 36 घंटों के लिए ऑक्‍सीजन का बैक रखने का सख्त निर्देश दिया है। प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में जहां ऑक्सीजन सिलेंडरों की कमी से आईसीयू बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे अस्पतालों को यूपी सरकार ऑक्‍सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराएगा। सीएम ने डीजी मेडिकल एजुकेशन को यह जिम्मेदारी सौंपी है। ऑक्सीजन उपलब्धता की दैनिक समीक्षा करने के निर्देश भी सीएम ने दिए हैं।

हफ्तेभर में एसजीपीजीआइ में ऑक्सीजन प्रोडक्शन शुरू:- कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर है। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस लखनऊ ने अपने संस्थान में 20 हजार लीटर का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर दिया है। इस प्लांट से राजधानी के हर कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई की जा सकेगी। इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर प्रो आरके धीमन ने उद्घाटन कर इसकी जानकारी सांझा की है। अभी तक सिलेंडर से गैस की आपूर्ति की जा रही थी। जिसमें रोजाना छह हजार सिलेंडर की खपत हो रही थी। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि 15 दिन के अंदर 10 नए प्लांट बनाएंगे। इन प्लांट में हवा से ऑक्सीजन तैयार की जाएगी।