मौसम के बदले मिजाज ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल, धने बादल व पुरवा हवा से बढ़ा बारिश का खतरा

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. जब किसानों को पानी की जरूरत थी तब अवर्षण का सामना करना पड़ा और आज जब हल्की सी बारिश भी किसानों को तबाह कर सकती है तो मौसम ने रंग बदलना शुरू कर दिया है। धूप छांव के बीच पुरवा हवा व आसमान में छाये घने काले बादललों ने किसानों को बेचैन कर दिया है। पुरवा हवा के कारण फसल की कटाई और मड़ाई में दिक्कत हो रही है। वहीं किसानों को डर सता रहा है कि अगर हल्की सी भी बारिश या ओलावृष्टि हुई तो खेत में पड़ी फसल तबाह हो जाएगी।

बता दें कि किसान इस समय रबी के फसल की कटाई के साथ ही जायद की बोआई में जुटा हुआ है। चना, सरसों और गेंहू की कटाई चल रही है। सामने पंचायत चुनाव है। ऐसे में मतदान से पहले लोग खेती का कार्य निपटाने में व्यस्त हैं। जिले में करीब 4 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेंहू की खेती हुई। अगेती फसलें पक कर तैयार हैं तो देर से बोई गयी फसल के पकने में दो चार दिन का समय है।

किसान सब काम छोड़ फसल को सुरक्षित करने में जुटा है। इसी बीच शुक्रवार की सुबह एकाएक मौसम में बदलाव देखने को मिला। आसमान में धने काले बादल छा गए। सूर्य बादलों की ओट में छिप गया। तेज पुरवा हवा ने मौसम को और भी बदल दिया। कुछ किसान खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे। वह जल्दी-जल्दी गेहूं को समेटने लगे। किसानों का कहना है कि अगर मौसम ऐसे ही रहा तो खेत में लगी पूंजी बर्बाद हो जाएगी।

कुछ स्थानों पर बूंदा बांदी ने किसानों की बेचैनी को और बढ़ा दिया। धूप छांव का खेल अभी जारी है। मौसम को देख आंधी और बरसात की संभावना व्यक्त की जा रही है। किसान राम सिंह यादव, नायब यादव, विनोद यादव, सीताराम गौतम, राम चंदर राम, राम अजोर यादव आदि का कहना है कि हल्की सी बारिश अथवा ओलावृष्टि फसल को तबाह कर देगी। कारण कि फसल पककर तैयार है। हवा चलने पर फसल गिर जाएगी। फिर उसे काटना भी मुश्किल होगा। वहीं दाने काले पड़ने की संभावना बढ़ जाएगी।

मौसम विज्ञानी तेज प्रताप सिंह का कहना है कि मौसम का रूख देखकर साफ है कि बूंदा बादी हो सकती है लेकिन तेज बारिश की अभी संभावना नहीं है लेकिन पुरवा हवा आगे भी चलती रहेगी। आसमान में बादल भी छाये रहेंगे। इससे फसल की कटाई और मड़ाई प्रभावित होगी। कारण कि पुरवा हवा में फसल का पौधा नरम हो जाता है।

BY Ran vijay singh