चार साल बाद अपहरण और हत्या के मामले में कोर्ट ने चार आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में चार साल पहले उद्योगपति के बेटे के अपहरण के बाद की गई हत्या के मामले में कोर्ट ने चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपियों द्वारा अपहरण के बाद 10 करोड़ की फिरौती मांगी थी और बाद में उसकी हत्या कर दी थी। इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने छह लोगों को नामजद किया था, जिनमें से दो आरोपियों को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।


बता दें कि थाना रसूलपुर के सर्कुलर रोड निवासी करोवारी अतुल मित्तल का बेटा आदित्य मित्तल 22 अगस्त 2016 को अचानक लापता हो गया था। बाद में एक फोन कॉल के जरिये परिवार से बदमाशों ने 10 करोड़ की फिरौती मांगी थी। इसके अलावा पुलिस को जानकारी देने पर आदित्य की हत्या करने की भी धमकी दी थी। परिजनों को जानकारी हुई कि आदित्य को उसका दोस्त गणेश नगर निवासी रोहन सिंघल बुलाकर ले गया है।
इस मामले में आदित्य के चाचा प्रदीप मित्तल ने छह लोगों के खिलाफ टूण्डला कोतवाली में किडनैपिंग का केस दर्ज कराया था। बाद में आदित्य की लाश शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में एक नहर से बरामद हुई थी। इस मामले में रोहन सिंघल, भाई पवन सिंघल, मां अनिता के अलावा पवन की पत्नी, मुकेश और रामगोपाल को भी नामजद किया गया था। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद चार्जशीट कोर्ट में फाइल की थी।

मामले की सुनवाई ADJ कोर्ट संख्या छह/बिशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र आजाद सिंह द्वारा की गयी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनकर रोहन सिंघल, पवन, राम गोपाल और मुकेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपियों पर दो लाख 40 लाख हजार का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने रोहन सिंघल के भाई पवन सिंघल, मां अनीता अग्रवाल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।