आखिर क्यों हाई कोर्ट से भिड गयी है योगी सरकार, किसी हालत में आदेश नही मानना चाहती

अभी इन दिनों में उत्तर प्रदेश में सत्ता और कोर्ट के बीच में बहुत ही गहरा संघर्ष देखने में आया है. जिस किसी ने भी इसे देखा है वो बहुत ही अधिक चिंतित टाइप भी नजर आया है क्योंकि अधिकतर लोग इस मामले में अपनी अपनी राय रखते है और किसी के लिए कोर्ट सही हो सकता है तो किसी के लिए सरकार. खैर हमें तो बेसिक मुद्दा समझने की जरूरत है जिसके कारण से इतना कुछ बवाल हो गया है और ये अपने आप में बहुत ही बड़ी बात है.

हाई कोर्ट ने दिए थे लॉकडाउन के आदेश, सुप्रीम कोर्ट चली गयी योगी सरकार
दरअसल यूपी हाई कोर्ट ने यूपी के कई मुख्य शहरो में लॉकडाउन लगाने के आदेश दे दिए और ऐसा करने का सबसे बड़ा कारण था तेजी से बढ़ रही करोना की लहर जिसके कारण से कई लोग अपनी जान भी नही बचा प् रहे, ऐसे में इस आदेश को लेकर के न सिर्फ योगी सरकार ने अपनी तरफ से मनाही जाहिर की बल्कि सुप्रीम कोर्ट जाकर के इस फैसले को पलटवा भी दिया. अब कई लोग ये सवाल कर रहे है कि ऐसा आखिर क्यों है?

लोगो की आजीविका को लेकर के चिंतित है योगी सरकार, एक और लॉकडाउन कर सकता है अर्थव्यवस्था को ध्वस्त
योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी यही ही दलील दी है कि अभी की जो स्थिति है वो बिलकुल भी अच्छी नही है और हालात काफी बुरे है. जहाँ लोगो की जान बचानी जरूरी है तो वही लोगो की आजीविका को बचाना भी तो जरूरी है और ऐसे में लॉकडाउन कोई विकल्प नही हो सकता है या फिर अंतिम विकल्प हो सकता है. अर्थव्यवस्था रहेगी तब ही लोग समाज और सरकारे शान्ति के साथ में जी सकेंगे, इसलिए ऐसा नही किया जा सकता है.

वही मोदी सरकार ने भी अभी यही कहा है कि लॉकडाउन को तो आप अंतिम विकल्प के रूप में रखे, पहले ही ये करने में न लग जाए वरना देश की अर्थव्यवस्था को झटका लग सकता है. कुल मिलाकर के बीजेपी शासित राज्यों में यही नीति है कि अभी लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही देखा जाए तो बेहतर है.