लखनऊवासियों के लिए एक बेहद दुखद खबर, पद्मश्री योगेश प्रवीण नहीं रहे, सीएम योगी भी दुखी

लखनऊ. यूपी की राजधानी लखनऊवासियों के लिए एक बेहद दुखद खबर (shocked)। इनसाइक्लोपीडिया ऑफ लखनऊ के नाम से जाने जाने वाले पद्मश्री योगेश प्रवीण Padmashree Yogesh Praveen) का सोमवार को निधन (death) हो गया। तेज बुखार होने की वजह से बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सूचना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

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प्रख्यात इतिहासकार योगेश प्रवीण के निधन पर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि योगेश प्रवीण को अवध, विशेष रूप से लखनऊ के इतिहास और संस्कृति की गहन जानकारी थी। अपनी पुस्तकों और लेखों के माध्यम से उन्होंने जनता को इससे अवगत कराने का महत्वपूर्ण कार्य किया था। मुख्यमंत्री जी ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

पद्मश्री योगेश प्रवीण के बारे में :- पद्मश्री योगेश प्रवीण अपनी पुस्तक लखनऊनामा के जरिये लखनऊ की रूमानियत, कला, संस्कृति से लोगों को रूबरू कराया। लखनऊनामा के लिए उन्हें नेशनल अवार्ड भी मिला। वह विद्यांत हिन्दू कॉलेज से रिटायर हुए थे। उन्हें यश भारती, यूपी रत्न अवॉर्ड, नेशनल टीचर अवार्ड सहित कई सम्मान भी मिले थे। योगेश प्रवीण फिल्म 'जुनून' के लिरिक्स लिखे थे। फिल्म उमराव जान में भी योगेश प्रवीण की अहम भूमिका रही। योगेश प्रवीण की जिंदगी के विभिन्न पहलुओं पर शहर के युवा अश्विनी सिंह और लेखन हफीज किदवई डॉक्यूमेंट्र बनाई है। जिसका नाम डॉक्यूमेंट्री लाइफ ऑफ योगेश प्रवीण जल्द ही रिलीज होगी।