जिंदा होने के बावजूद वोटर लिस्ट ने गायब कर दिया जाता है नाम, जानें कैसे हो रहा ये बड़ा गड़बड़झाला

सीतापुर. त्रिस्तरीय पंचायत के नजदीक आते ही प्रधान दावेदार वोटरों के नाम जोड़ने और कटवाने के पैंतरे शुरू कर देते हैं। ताजा मामला सीतापुर में सामने आया है जहां वोटर लिस्ट से नाम कटने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत दर्ज करायी। जिलाधिकारी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल के आदेश जारी किए हैं और आदेशित किया है कि जिन वोटरों के नाम कटे हैं, उन्हें पुनः जांच कर फाइनल सूची तैयार की जाये। सैकड़ों ग्रामीणों के नाम कटने से ग्रामीण नाराज हैं और उनका कहना है कि इस तरह की करतूत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

वोटर लिस्ट से नाम गायब

मामला सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम मीरनगर इलाके का है। यहां के निवासी प्रधान पुत्र धीरेंद्र ने सैकड़ों ग्रामीणों को एकत्रित कर ग्रामीणों की नाम वोटर लिस्ट से कटने की शिकायत डीएम से की है। धीरेंद्र का आरोप है कि पूर्व प्रधान और बीएलओ की सांठगांठ कर इतनी बड़ी मात्रा में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिए गए जबकि यह सभी जीवित हैं। धीरेंद्र ने कहा कि इस करतूत में ऑफिस के भी लोग शामिल हो सकते है क्योंकि पूर्व प्रधान अपनी ताकत जे जरिये वोट कटवा और बढ़वा भी सकते हैं। धीरेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों का भी आरोप है कि उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम कटने की शिकायत तहसील पर की थी जिसके उपरान्त जांच पड़ताल भी की गई, जिसमें सभी आरोप सही पाये गए उर उसके बावजूद बीएलओ ने अंतिम सूची में नाम नहीं बढ़ाये और प्रकाशन करवा दिया। धीरेंद्र ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय में एकत्रित होकर शिकायत दर्ज कराई है और बाहरी लोगों ने नाम हटवाकर जीवित लोगों के नाम बढ़वाने की सिफारिश भी की है। डीएम ने पूरे मामले में जांच के आदेश देते हुए वोटर लिस्ट के दुरुस्तीकरण के आदेश जारी किए हैं।