देश में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को दिये ये निर्देश, जिससे ऑक्सीजन की कमी हो जाएगी दूर

पुरे देश में कोरोना महामारी का संकट छाया हुआ है. कोरोना का कहर समुचा देश इस समय झेल रहा है. इस कोरोना नामक भयावह बीमारी नें हर किसी को अपनी जाल में फंसा के रखा है. कोरोना की दूसरी लहर पहली लहर से अधिक तेजी से तबाही मचा रही है. इस समय कोरोना का कहर देश में विकराल रुप धारण करके रखा है और इसी समय खबर आ रही थी कि अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर की भारी मात्रा में कमी हो रही है. आपको बता दें कि ऑक्सीजन की इसी कमी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते मंगलवार को देश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोरोना जैसे भारी महामारी से निपटने के लिए उच्चस्तरीय बैठक किये हैं.

प्रधानमंत्री द्वारा किये गये इस बैठक के बाद पीएमओ ने बताया है कि लिक्वीड मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़कर प्रतिदिन 8922 टन हो गया है. जिसके महीने के अंतिम तक प्रतिदिन 9250 टन से अधिक हो जाने की उम्मीद है. आगे उन्होंने बताया कि बीते वर्ष अगस्त में लिक्वीड मेडिकल ऑक्सीजन का प्रतिदिन केवल 5700 टन उत्पादन होता था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बैठक में ऑक्सीजन एक्सप्रेस रेलवे सेवा को लेकर भी जानकारी दी गई . उन्हें ऑक्सीजन टैंकर ले जाने के लिए वायुसेना के द्वारा संचालित घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की भी जानकारी दी गई. जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि राज्यों को भी पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहें हैं. उन्होंने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और कोरोना से बचाव के लिए प्रबन्धन पर हो रहे कार्यों के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अस्पतालों में बेड्स और आईसीयू की उपलब्धता बढ़ाने के लिए किए जा रहें प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी है. प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दिए गये जानकारी के मुताबिक पिछले साल 2020 के अगस्त में देश में एलएमओ का उत्पादन रोज 5700 टन था जो अब बढ़कर के 25 अप्रैल 2021 से बढ़कर के 8922 टन हो गया है. इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्यों में एजेंसियां कोरोना वायरस के प्रबन्धन के लिए दिए गये दिशा-निर्देशों का ठीक ढंग से पालन करें.