वायुसेना और रेलवे का मिशन ऑक्सीजन, मालवाहक विमानों के जरिये एयरलिफ्ट हो रहे ऑक्सीजन टैंकर

देश कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है. अस्पतालों में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ है. रोजाना म’रने वालों की तादाद बढ़ रही है. ऐसे में ऑक्सीजन की कमी को पूरी करने के लिए अब वायुसेना ने कमान संभाल ली है. वायुसेना अब ऑक्सीजन कंटेनर्स को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने में जुट गई है. इसके लिए बड़े बड़े मालवाहक विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इन्ही विमानों की मदद से बड़े से बड़े टैंक और सैन्य साजो सामान एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाए जाते हैं.

मिशन ऑक्सीजन को पूरा करने के लिए भारतीय वायुसेना के C17 विमानों को लगाया गया है. C17 विमानों ने दो बड़े ऑक्सीजन कंटेनर्स, IL 76 ने एक खाली कंटेनर को बंगाल के पन्नागढ़ पहुंचाया. इन तीनों कंटेनर्स को ऑक्सीजन से भरा जाएगा और फिर भरे हुए कंटेनरों को दिल्ली आया जाएगा. दिल्ली के अस्पताल इस वक़्त ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं. इतना ही नहीं, अस्पतालों को ऑक्सीजन की कमी न हो इसके लिए भी कदम उठाये जा रहे हैं. अब अस्पतालों में ही ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी हो रही है. इसलिए वायुसेना 23 मोबाइल ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स को जर्मनी से एयरलिफ्ट करेगी. ताकि अस्पतालों के पास इन्हें लगाया जा सके.

वायुसेना के अलावा रेलवे भी मिशन ऑक्सीजन को पूरा करने में जुटी है. झारखण्ड के बोकारो से ऑक्सीजन भरे टैंकरों को ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिये लखनऊ भेजा गया. लखनऊ से ऑक्सीजन एक्सप्रेस 3 खाली टैकरों को बोकारो ले कर पहुंची. इन टैंकरों में लगभग 50 टन लिक्विड ऑक्सीजन 4 घंटे में भर दिया गया और फिर बोकारो से यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़, बिहार, बंगाल तक ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है.