यूपी सरकार का बड़ा फैसला, सूबे से बाहर हो चुकी थ्री नॉट थ्री राइफल का पंचायत चुनाव में होमगार्ड करेंगे इस्तेमाल

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) का चुनावी बिगुल बज चुका है। पंचायत चुनाव की सुरक्षा व्यवस्था से निपटने के लिए यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकारी फैसले के अनुसार, पंचायत चुनाव की ड्यूटी में मुस्तैद होमगार्ड जवानों के हाथों में सूबे से बाहर हो चुकी थ्री नॉट थ्री राइफल होगी। इस संबंध में एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि सभी जिलों में आवश्यकता के अनुसार थ्री नॉट थ्री राइफल का प्रशिक्षण प्राप्त होमगार्डों को सुरक्षा ड्यूटी पर लगाया जाएगा। बता दें कि यह वही राइफल है जिसे पिछले वर्ष गणतंत्र दिवस पर पुलिस ने विदाई दी थी। दशकों से पुलिस की साथी रही थ्री नॉट थ्री राइफल का आखिरी इस्तेमाल पिछले वर्ष के गणतंत्र दिवस में किया गया था। इसके बाद इसे आधुनिक राइफल से रिप्लेस कर दिया गया।

ड्यूटी के बाद वापस रख दी जाएगी राइफल

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा है कि थ्री नॉट थ्री राइफल का इस्तेमाल पंचायत चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था को देखकर किया जाएगा। किस जिले में कितने होमगार्ड राइफल के साथ मुस्तैद किए जाएंगे, इसका निर्णय संबंधित जिले के एसपी के स्तर से लिया जाएगा। चुनाव ड्यूटी के बाद राइफल वापस मालखाने में जमा करा दी जाएगी।

इंसास के लिए नहीं हैं ट्रेंड

पंचायत चुनाव के हर चरण में 66444 होमगार्ड मुस्तैद रहेंगे। यह होमगार्ड इंसास (इंडियन स्मॉल आर्म सिस्टम) राइफल चलाने के लिए ट्रेंड नहीं हैं इसलिए इनसे थ्री नॉट थ्री राइफल चलवाने का फैसला किया गया है। थ्री नॉट थ्री राइफल को पिछले वर्ष ही विदाई दी गई थी। इसे इंसास और एसएलआर (सेल्फ लोडिंग राइफल) से रिप्लेस किया गया था। हालांकि, फिर से थ्री नॉट थ्री राइफल को कुछ समय के लिए मलखाने से बाहर निकालकर होमगार्ड जवानों को पंचायत चुनाव के लिए सौंपा जाएगा।

थ्री नॉट थ्री राइफल की खासियत

थ्री नॉट थ्री एक बोल्ट एक्शन, मैगज़ीन फेड रिपीटिंग राइफल है। इसमें बोल्ट राइफल का वो पुर्जा होता है, जो कारतूस के दगते वक्त नाल का पिछला हिस्सा ब्लॉक किये रहता है। पुराने जमाने की फिल्मों में इस तरह की राइफल का उपयोग दिखाया गया है। थ्री नॉट थ्री में हर बार गोली चलाने से पहले राइफल के पीछे लगे एक छोटे से हैंडल को घुमा कर आगे-पीछे किया जाता है। बोल्ट जब पीछे खींचा जाता है, तो पहले से दगे कारतूस का खोल बाहर आता है। बोल्ट को आगे खिसकाने पर वह अपने साथ आए नए कारतूस को चेंबर में ले जाता है। चेंबर में ही वो धमाका होता है, जिसके चलते बंदूक से गोली निकलती है। चेंबर में ले जाने के बाद बोल्ट को फिर लॉक किया जाता है। इसके बाद गोली चलाई जाती है।

ये भी पढ़ें: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: आचार संहिता लागू होते ही डीएम ने मतदाता बनने से संबंधित फार्म भरने पर लगाई रोक

ये भी पढ़ें: पंचायत चुनाव के लिए 1700 से अधिक आपत्तियां, मंगलवार देर रात तक कंपाइल किए गए आंकड़े