रमजान को लेकर इमाम ने देशवासियों से की मस्जिद की बजाए घर में इबादत करने की अपील

मेरठ. इस बार रमजान मुबारक (Ramadan Mubarak 2021) और नवरात्रि (chaitra navratri 2021) दोनों एक साथ शुरू हुए हैं। ये समय बहुत पाक और पवित्र है। हम उस देश में रहते हैं, जिसमें सभी धर्मों के लोग अपने त्योहार एक साथ मिलकर मनाते हैं। यह कहना है मदरसा इमदादुल इस्लाम के मौलाना शाहीन जमाली का। उन्होंने कहा कि इस समय कोरोना वायरस (Coronavirus) की काली छाया हम देशवासियों पर पड़ रही है। इस काली छाया से बचने के लिए हमको सरकार की और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए।

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उन्होंने मेरठ समेेत सभी देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि मुस्लिम घर में कुरान पढ़ें और हिंदू घर पर ही रहकर देवी दुर्गा का पाठ' करें। तभी हम इस शैतानी बीमारी कोरोना वायरस से निजात पा सकते हैं। शाहीन जमाली ने कहा कि रमजान महीने के पहले 10 दिन अल्लाह ताला अपने बंदों पर रहमत बरसाते हैं। उन्होंने कहा कि इबादत के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन करें। हमारे प्यारे हिंदू भाइयों का त्योहार शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर रमजान मुबारक भी शुरू हो गया है, जो बरकत का महीना है। ऐसी नजीर दुनिया के किसी मुल्क में नहीं मिलती। जहां दो मजहबों का त्योहार एक साथ आता है।

उन्होंने कहा कि एक-दूसरे के दिलों में प्यार रखना ही सच्चा धर्म है। उन्होंने कहा कि 'टूटते-फूटते रहने का चलन मांग लिया, हमने हालात से शीशे के बदन मांग लिया। जब गए लोग खालिके तकदीर के दरवाजे पर दौलत पर गिरे, हमने तो वतन मांग लिया'। ये मुल्क हिंदुस्तान विश्व में सबसे अलग है। उन्होंने कहा कि मस्जिद में नमाज के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन करना और लोगों को बीमारी के प्रति आगाह करना और खुद भी इससे सावधान रहना यह भी किसी इबादत से कम नहीं है।

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