उद्धव ठाकरे सरकार की बड़ी गलती, भुगतना पूरे देश को पड़ेगा

आज देश भर में कोरोना के केस बढ़ रहे है और चीजे काफी हद तक आउट ऑफ कण्ट्रोल हो चुकी है जिसके कारण से स्थिति काफी अधिक बुरी हो रही है. ऐसे में हर राज्य में केस ज्यादा आ रहे है लेकिन इनमे सबसे आगे और लीड करने वाला कोई राज्य नजर आ रहा है तो वो है महाराष्ट्र. यहाँ पर न सिर्फ केसेज सबसे अधिक है बल्कि लॉकडाउन भी अधिक लगा है और बाकी राज्यों के मुकाबले यहाँ पर हालात बहुत ही अधिक खराब है.वही देश की आर्थिक राजधानी भी यही पर है तो ये दिक्कत और ज्यादा बढ़ा देता है.

अकेले महाराष्ट्र पर 81 हजार करोड़ का असर, देश की जीडीपी को भी लगेगा झटका
महाराष्ट्र में करोना के केस कण्ट्रोल न हो पाने के कारण न सिर्फ वहाँ का सिस्टम अस्त व्यस्त हो चुका है बल्कि आज की तारीख में देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाली मुंबई भी अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है. व्यापारो ने वो घाटा देखना शुरू किया है जो कभी उम्मीद नही की गयी थी, ऊपर से कई लोग और मजदूर पलायन को भी मजबूर हो रहे है.

अगर बात करे अगर हम लोग नुकसान की तो दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ महाराष्ट्र को कुल 81 हजार करोड़ रूपये का झटका लगने वाला है और जाहिर तौर पर इससे केंद्र का टैक्स कलेक्शन गिरेगा, देश की जीडीपी मुश्किल में आएगी और यही नही व्यापार भी बुरे तौर पर प्रभावित होंगे. बाकी राज्यों से भी नुकसान तो हो रहा है लेकिन वो महाराष्ट्र जितना बड़ा नही है क्योंकि वहाँ पर स्थिति उतनी ज्यादा बिगड़ी हुई नजर नही आती है जितनी होनी चाहिए.

अब आप चाहे दिल्ली को ले लो, बैंगलोर को ले लो या फिर अहमदाबाद आदि कई राज्यों के बड़े महानगरो की बात करे तो वहां पर व्यापार अभी भी सक्रिय है और उन पर उतना अधिक प्रभाव पड़ते हुए नजर नही आ रहा है. ऐसे में अब सवाल यही है कि उद्धव ठाकरे कब अपनी गलती को सुधारेंगे और जल्द से जल्द महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लायेंगे, क्योंकि अगर ऐसा नही हुआ तो भारत की ओवरआल विकास दर पर भारी असर पड़ सकता है.