रूस ने डाला भारत पर अमेरिका से दूर होने के लिये दबाव, बदले में मिला ऐसा करारा जवाब

भारत और रूस के बीच में जो दोस्ती है वो अपने आप में काफी अधिक पुरानी है और हर बार मुसीबत के समय में रूस भारत की मदद करने के लिए आगे आया है इस बात को कोई भी नकार नही सकता है. आपने भी इस बात को तो नोटिस कर ही लिया होगा. खैर अब जो भी है इस वक्त में हम लोग एक और चीज है जिसे नोटिस करते है और वो ये कि भारत वेस्ट की तरफ अधिक झुक रहा है जो रूस के प्रतिद्वंदी है और ऐसे में विचलित होकर के रूस ने कुछ ऐसे बयान दिए है जो दोनों देशो के रिश्ते खराब कर रहे है.

रूस ने भारत को दी थी अमेरिका से दूर रहने की सलाह, बताया चीन के खिलाफ मोहरा
भारत की क्वाड में बढ़ रही हिस्सेदारी और अमेरिका के साथ में मजबूत हो रही साझेदारी के बाद में रूस जरा चिंतित है और ऐसे में रूस की तरफ से जारी बयान में उन्होंने भारत को बातो ही बातो में नए मित्रो से दूर रहने के लिये कहा, ये तक कह दिया गया कि भारत चीन के खिलाफ मोहरे के रूप में इस्तेमाल हो रहा है. पश्चिमी देश फिर से हिन्द महासागरीय क्षेत्र में शीत युद्ध बहाल करने की कोशिश कर रहे है.

एस जयशंकर बोले, हम किससे दोस्ती करे ये कोई और तय नही करेगा
अभी हाल ही में हुए रायसीना समिट में भारत के विदेश मंत्री ने रूस को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि भारत किसके साथ में दोस्ती करेगा और किसके साथ में नही करेगा ये बात कोई दूसरा देश आते नही करेगा. किसी और को इस बारे में परवाह करने की जरूरत भी नही है. आज किसी देश के पास में भारत की दोस्ती पर वीटो करने का अधिकार नही है.

वही हिन्द महासागरीय क्षेत्र पर टिप्पणी करते हुए विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि हम जो कर रहे है या जो भी हो रहा है वो शीत युद्ध में धकेलने का नही बल्कि वहाँ से निकालने और बचाने का कार्य है. खैर यहाँ पर भारत ने अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी कि एक संप्रभु राष्ट्र अपनी मर्जी से दोस्त और दुश्मन बना सकता है.