ऑस्ट्रेलिया ने अपना इतना बड़ा नुकसान करवा लिया, लेकिन भारत और अमेरिका को धोखा नही दिया

भारत आज के वक्त में दुनिया की सबसे बड़ी और तेजी के साथ में उभर रही शक्ति के रूप में देखा जा रहा है और कही न कही लोग इस वजह से भारत को पसंद भी करते है. ऐसे में भारत के कुछ एक अच्छे मित्र देश है जिसमे से एक ऑस्ट्रेलिया भी है, अभी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने जो क्यिया है वो अपने आप में दोस्ती की मिसाल पेश कर देने जैसा है और साबित करने जैसा है कि वो भारत के लिए किसी भी हद तक जा सकता है और इसमें कोई भी गुरेज उसे नही होगा अगर उसका कोई आर्थिक घाटा भी हो रहा है.

ऑस्ट्रेलिया ने अपने राज्य को बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट से बाहर निकाला, चीन का लगना था पैसा
ऑस्ट्रेलिया का एक राज्य है जिसका नाम है विक्टोरिया, उस राज्य ने चीन के साथ में एक डील साइन कर ली थी जिसके तहत चीन से ऑस्ट्रेलिया में अरबो डॉलर का निवेश आने वाला था और खूब मजे होने वाले थे, आपको बता दे वहाँ की राज्य सरकारे चाहे तो केंद्र की मंजूरी के बिना ही विदेशो से डील कर सकती है, मगर यहाँ पर ऑस्ट्रेलिया की केंद्र सरकार ने बीच में अडंगा लगाया और उन्होंने जबरदस्ती अपनी राज्य सरकार को चीन के इस प्रोजेक्ट से बहार कर दिया.

क्वाड को प्राथमिकता, दोस्ती पहले पहले पैसा बादमे आपको मालूम ही होगा कि अभी चार देश अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत मिलकर के क्वाड बना रहे है जिसका मुख्य उद्देश्य कही न कही चीन को काउंटर करना ही है. वो जिस तरह से आर्थिक फैलाव कर रहा है उसे रोकना भी एक मकसद है और ऐसे में अगर ऑस्ट्रेलिया अपने निजी हित के लिए ये डील साइन कर लेता तो उसे पैसा तो खूब मिल जाता लेकिन ये क्वाड ग्रुप के साथ एक धोखे जैसा होता.

मगर उन्होंने ऐसा किया नही और ये अपने आप में बहुत ही बड़ी बात है जिसको लेकर के उनकी तारीफ़ भी की जा रही है. हालांकि चीन इससे काफी ज्यादा नाराज हो गया है और वो इस पर सवाल खड़े कर रहा है.