उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें प्रदेश में ऑक्सीजन की हुई कमी को लेकर दिया करारा जवाब

उत्तर प्रदेश में कोरोना तेजी से बढ़ रहा है और कोरोना से होने वाली मृतकों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. बढ़ते हुए कोरोना संक्रमण के समय में खबर आई थी कि उत्तरप्रदेश में ऑक्सीजन की कमी हो गई है लेकिन मुख्यमंत्री बीते शनिवार को स्पष्ट रूप से कहा कि उत्तरप्रदेश में किसी भी निजी या सरकारी कोरोना अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है.

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें बीते शनिवार को सभी अखबारों के संपादकों के साथ ऑनलाइन बातचीत की और बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेश के किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है. बस समस्या इस कलाबाजारी और जमाखोरी के बात की है. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि राज्य सरकार कई संस्थानों के साथ इस जीवन बचाने वाले ऑक्सीजन गैस के बारे में बात करेगी.

मुख्यमंत्री योगी जे ने मीडिया से अपील करते हुए कहा की कोरोना संक्रमित हर रोगी को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होती है इस बात का लोगों को जानकारी देने में हमारी मदद करें. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को हल्के में न लें इसे एक वायरल बुखार समझने की भूल न करें मुख्यमंत्री ने साथ ही ये भी बताया कि मै खुद इस घातक बीमारी के चपेट में हूँ आइसोलेशन के दौरान 13 अप्रैल से कोरोना के सभी प्रोटोकॉल का पालन कर रहा हूँ.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे ऑक्सीजन के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि हम आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ और आईआईटी बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर ऑक्सीजन का एक ऑडिट करने जा रहें हैं. ताकि इसकी सही तरह से निगरानी की जा सके. उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश एक घनी आबादी वाला राज्य है और इसकी जनसंख्या के विविधता को भी ध्यान में रखने की बहुत ही आवश्यकता है. क्योकि इस बार कोरोना संक्रमण का रफ्तार पहले की अपेक्षा 30 गुना अधिक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना रफ्तार से निपटने के लिए हमने सरकारी संस्थानों में ऑक्सीजन सयंत्रो की पूरी तरह से व्यस्था की है. तैयारी पहले से बहुत बेहतर है.