एंबुलेंस मामले में और बढ़ेगी माफिया डॉन की मुसीबत, बांदा जाएगी बाराबंकी पुलिस, गुर्गे की जमानत अर्जी खारिज

बाराबंकी. माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बाराबंकी पुलिस मुख्तार अंसारी की मुसीबत को और बढ़ाने वाली है। एसपी बाराबंकी के मुताबिक अब उनकी पुलिस इस माफिया डॉन से पूछताछ के लिए बांदा भी जाएगी और मुख्तार के मददगारों का पता लगा कर उन पर सख्त कार्रवाई भी करेगी। वहीं दूसरी तरफ बाराबंकी के एंबुलेंस प्रकरण के मुकदमे में गिरफ्तार मुख्तार के गुर्गे की जमानत अर्जी को मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दी है। दरअसल जिला कारागार में कैद मऊ के राजनाथ यादव ने सीजेएम कोर्ट पर जमानत अर्जी अपने वकील के माध्यम से डाली थी।

बांदा जाएगी बाराबंकी पुलिस

बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि मुख्तार अन्सारी से पूछताछ करने के लिए बांदा जनपद तक जाएगी और उसके मददगारों का पता लगाएगी। यानी बाराबंकी पुलिस मुख्तार अंसारी और उसके मददगारों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। पुलिस बाराबंकी जिले में भी मुख्तार के उन मददगारों का पता लगाने में जुटी हुयी है, जिन्होंने फेक डाकोमेंट्स के आधार पर मुख्तार अंसारी के लिए एंबुलेंस निकलवाने में मदद की थी। यानी पुलिस अब मुख्तार के पूरे गैंग की कमर तोड़ने में जुट गई है।

नहीं बचेंगे केस से जुड़े लोग

बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि मीडिया द्वारा एक एम्बुलेंस की बात सामने लायी गयी थी। जिसे मुख्तार अंसारी प्रयोग में ला रहा था और वह बाराबंकी जनपद से रजिस्टर्ड हुयी थी। इस बात का संज्ञान लेते हुए एआरटीओ बाराबंकी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था और बाद में धाराओं में बढ़ोत्तरी भी की गयी थी। बाराबंकी पुलिस की टीम ने पंजाब और मऊ जांच के लिए भी गई थी। एसपी के मुताबिक अब मुख़्तार अंसारी यूपी आ गया है और पूछताछ के लिए पुलिस की एक टीम बांदा भी जाएगी और यह पता लगाएगी कि बाराबंकी में उसके मददगार कौन हैं। इसका पता लगाकर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। एसपी बाराबंकी ने बताया कि जनपद में जो भी मुख्तार की मदद करने वाले होंगे, वह बच नहीं पायेंगे।

गुर्गे की जमानत खारिज

वहीं दूसरी तरफ बाराबंकी के एंबुलेंस प्रकरण के मुकदमे में गिरफ्तार मुख्तार के गुर्गे की जमानत अर्जी को मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दी है। दरअसल जिला कारागार में कैद मऊ के राजनाथ यादव ने सीजेएम कोर्ट पर जमानत अर्जी अपने वकील के माध्यम से डाली थी। आपको बता दें कि बाराबंकी एआरटीओ कार्यालय में फर्जी दस्तावेज के आधार पर मऊ के श्याम संजीवनी हास्पिटल की एंबुलेंस का पंजीयन कराने के प्रकरण में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने मऊ से राजनाथ यादव को गिरफ्तार किया था। मुकदमे में केवल डा. अलका राय को नामजद किया गया था। लेकिन पुलिस जांच के बाद मुख्तार अंसारी पर भी साजिश रचने की धारा 120 बी के तहत केस दर्ज किया गया था। साथ में डा. अल्का राय के सहयोगी डा. शेषनाथ राय, मुजाहिद और दूसरों पर आपराधिक षडयंत्र में कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने की धारा बढ़ाई थी। यही नहीं मऊ गई टीम ने राजनाथ यादव को गिरफ्तार भी कर जेल भेजा था। यहां राजनाथ ने अपनी जमानत के लिए सीजेएम कोर्ट पर अर्जी डाली थी, जिसे सुनवाई कर खारिज कर दी गई।

यह भी पढ़ें: सिर्फ 9 रुपए में मिलेगा घरेलू LPG गैस सिलेंडर, 30 अप्रैल से पहले करें बुक