मीडिया के गिद्दों ने तलाशा आपदा में अवसर, जलती चिताओं की तस्वीरों का हज़ारों रुपये में हो रहा सौदा

कोरोना की दूसरी लहर ने देश में क्या कोहराम मचाया है ये किसी से छुपा नहीं है. मर’ने वालों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा. इस विपत्ति के वक़्त जिनलोगो और जिन परिवारों ने अपनों को खोया है उनके दुःख का अंदाजा कोई नहीं लगा सकता. लेकिन इस आपदा के वक़्त कुछ गिद्ध ऐसे भी हैं जो किसी के दुःख को अपना व्यापर बनाये बैठे हैं.

सोशल मीडिया पर मरने वाले लोगों के दाह संस्कार की कई तस्वीरें वायरल हैं. बरखा दत्त जैसी नामी जर्नलिस्ट तो सीधे श्मशान में ही बैठ कर रिपोर्टिंग करने लगीं. उसके बाद पश्चिमी मीडिया ने दाह संस्कार और जलती चिताओं वाली तस्वीरों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. टाइम पत्रिका के कवर पर ऐसी ही एक तस्वीर छपी है. अब अमेरिकन मीडिया कंपनी Getty Images ने जलती चिताओं वालों तस्वीरों की बिक्री शुरू कर दी है. अच्छी क्वालिटी की तस्वीर की कीमत 23,000 रुपये तक है. मतलब जिन मीडिया संस्थाओं को इन तस्वीरों की जरूरत है वो इसे 23,000 रुपये में खरीद कर अपनी खबर में इस्तेमाल कर सकते हैं.

अब सवाल ये है कि Getty Images तक ये तस्वीरें पहुंची कैसे? कई भारतीय पत्रकार इन दिनों कोरोना से जुड़े मामलो की रिपोर्टिंग कर रहे हैं. कई फ्रीलांस पत्रकार भी हैं. आज कल मोबाइल जर्नलिज्म का ज़माना है. मोबाइल से तस्वीरें खिंच कर उसे मुंहमांगे दामों पर बेचना कमाई का सबसे आसान तरीका है. किसी की जलती चिता से कोई अपनी जेब गर्म कर रहा है. आपदा में अवसर का लाभ उठा रहा है. बेशर्मी का इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा.

जलती चिताओं वाली इन तस्वीरों का इस्तेमाल भारत की छवि खराब करने वाली कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस्तेमाल हो रही हैं. Getty Images पर तस्वीरों की तीन कीमतें फिक्स की गई है. छोटे साइज की तस्वीर की कीमत 7,000 रुपये है, माध्यम साइज के तस्वीर की कीमत 14,000 रुपये है और सबसे अच्छी क्वालिटी की तस्वीरों की कीमत २३,000 रुपये तय की गई है.