हॉलीवुड की फिल्मों को टक्कर देंगी ग्रेटर नोएडा फिल्म सिटी में बनने वाली फिल्में

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित होने वाली फिल्म सिटी में हॉलीवुड की तर्ज पर स्टूडियो का निर्माण किया जाएगा। फिल्म सिटी की परियोजना रिपोर्ट तैयार करने वाली कंपनी सीबीआरई की ड्राफ्ट रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है। ड्राफ्ट रिपोर्ट में मल्टीलेवल पार्किंग, म्यूजियम और ग्रीन बफर जोन बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया है। फिलहाल कंपनी की ड्राफ्ट रिपोर्ट को यीडा ने शासन के पास भेजा है।

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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि यहां यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे तीन नए शहर, जेवर एयरपोर्ट और मेट्रो के साथ फिल्म सिटी बसाने के कार्य को तेजी से किया जा रहा है। बता दें कि सरकार ने फिल्म सिटी को तीन चरणों बनाने का सुझाव दिया है, जिसके बाद सलाहकार एजेंसी की ड्राफ्ट रिपोर्ट को स्वीकृति के लिए सरकार के पास भेजा गया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही अनुमति मिलते ही निर्माणी कंपनी के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बनने वाली इस फिल्म सिटी के लिए सलाहकार एजेंसी ने कई अहम सुझाव भी दिए हैं।

बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग

सलाहकार एजेंसी ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में फिल्म सिटी में बनाए जाने वाले स्टूडियों को हॉलीवुड की तर्ज पर बनाने का सुझाव दिया है, ताकि यहां बनाई जानी वाली फिल्में हॉलीवुड सरीखी बनें। इसके साथ ही फिल्म सिटी के एक हिस्से पर ग्रीन बफर जोन निर्माण का भी सुझाव दिया गया है, ताकि यहां हरियाली नजर आए। अगर शूटिंग में हरियाली वाले नजारे दिखाने हों तो कोई दिक्कत न हो। इसके अलावा एजेंसी ने रिपोर्ट में मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण का भी सुझाव दिया है, ताकि यहां अधिक संख्या में वाहन आने पर भी भविष्य में कोई परेशानी न हो। इसके साथ एक ऐसा जोन बनाने की बात भी कही गई है, जहां केवल अनुमति के बाद ही शूटिंग की जा सके। लैंड स्केपिंग के साथ कई अन्य चीजें यहां आकर्षण के केंद्र होंगे।

म्यूजियम में नजर आएगा भारतीय फिल्मों का इतिहास

सलाहकार एजेंसी ने फिल्म सिटी में एक म्यूजियम बनाने का भी सुझाव दिया है। जहां लोगों को भारतीय फिल्मों के इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा। म्यूजियम में फिल्मों में इस्तेमाल होने वाले परिधान के साथ कई अन्य संसाधन में नजर आएंगे। साथ ही भारतीय फिल्मों के विकास को लेकर पूरी जानकारी दी जाएगी। बता दें कि फिल्म सिटी को एक हजार एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-21 में भूमि चिह्नित की गई है।

एयरपोर्ट के साथ शुरू करने का लक्ष्य

यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि फिल्म सिटी की ड्राफ्ट रिपोर्ट में सरकार के अनुसार चीजों का समावेश करके फाइनल रिपोर्ट भेजी गई है। सरकार के बाद रिपोर्ट पर कैबिनेट को अंतिम मुहर लगानी है। उसके बाद निर्माणी एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए 15 मई तक ग्लोबल टेंडर निकलने के आसार हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म सिटी को एयरपोर्ट के साथ शुरू किया जा सकता है।

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