पुलिस ने बहन को दी भाई के कुसूर की सजा, सुहाग की चूड़ी से पहले पहनाई हथकड़ी?

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा सुलतानपुर गांव में रविवार को हुए बवाल के बाद पुलिस द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। कार्रवाई से ग्रामीणों में गुस्सा साफ नजर आ रहा है। दावा है कि पुलिस ने एक युवक को बवाल में आरोपी बनाया और जब वह नहीं मिला तो उसकी बहनों को उठाकर ले गयी और मुकदमें में नाम बढ़ाकर जेल भेज दिया। जेल गयी एक युवती की 21 अप्रैल को शादी है। पुलिस ने शादी के सामान को भी तोड़ फोड़ दिया।

बता दें कि निजी स्कूल के शिक्षक का शव भोपाल में मिलने से आक्रोशित छपरा सुल्तानपुर के लोगों ने रविवार को सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। उस समय पुलिस पर पथराव व एक दारोगा की बाइक फूंकने का मामला भी प्रकाश में आया था। इस मामले में पुलिस ने सैकड़ों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।

गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस ने गांव के चंचल सिंह पुत्र दीनानाथ सिंह के खिलाफ ग्रामीणों को उकसाने, नारेबाजी करने व पुलिस के ऊपर हमला करने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश दिया लेकिन वह नहीं मिला। इस बाद पुलिस उसकी मां तारा सिंह, बहन श्वेता सिंह व कंचन सिंह को थाने उठा ले गयी। कंचन सिंह की शादी 21 अप्रैल को तय है। शादी के लिए जेवर, कपड़े, बर्तन, टीवी, फ्रिज, कूलर, मोटरसाइकिल आदि की खरीद हो चुकी थी पुलिस ने तमाम सामान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

जबकि उक्त लोगों का घटना से कोई लेना देना नहीं था और ना ही उनका नाम मुकदमें में था। बाद में उनका नाम बढ़ा दिया गया। पीड़ित परिवार की माने तो उन्होंने खुद कोतवाली जाकर कहा कि यदि चंचल सिंह ने अपराध किया है तो उसके खिलाफ पुलिस काार्रवाई करे लेकिन उनकी मां और बहनों को छोड़ दे लेकिन पुलिस नहीं मानी। उनके रोने गिड़गिड़ाने का भी पुलिस पर कोई असर नहीं हुआ।

वहीं ग्रामीणों की माने तो चंचल का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। पिता की काफी पहले मौत हो चुकी है। मां ने किसी तरह बच्चों को पाला है। अब वह एक बेटी के शादी की तैयारी कर रही थी। 21 को घर पर बारात आनी है और पुलिस ने उसे गंभीर आरोप में जेल भेज दिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।

BY Ran vijay singh