अमेरिका ने भारत की नही बल्कि भारत ने अमेरिका की मदद की है, सच चौंकाने वाला है

आज की तारीख में भारत में करोना की स्थिति काफी अधिक बुरी हो रखी है और चीजे काफी अधिक खराब हालत में है. ऐसे में भारत को कई मेडिकल सप्लाई की जरूरत है जिसके चलते हुए दुनिया भर के कई देश है जो आगे आ रहे है और भारत की मदद कर रहे है, अभी हाल ही में खबर आयी है कि अमेरिका ने भी भारत की मदद करने का निर्णय किया है जिसमे वो टीके के निर्माण की कच्ची सामग्री भारत को निर्यात करेगा, पर इसके पीछे की असल कहानी कई लोग नही जानते है.

भारत को कई हफ्तों तक कच्चे सामान के लिए तरसना पड़ा, लेकिन भारत की कम्पनियों ने अमेरिका को कच्चे सामान का एक्सपोर्ट जारी रखा
ऐसा नही है कि दुनिया का सारा कच्चा समान अमेरिका ही बनाता है. कई सामान भारत में भी बनता है और ऐसे ही कुछ एक बहुत ही उच्च स्तरीय लिपिड भारत के महाराष्ट्र में स्थिति वाव लिपिड नाम की कम्पनी भी बनाती है, इस कम्पनी के द्वारा जो कच्चा सामान निर्यात किया जाता है उसी की मदद से अमेरिका में फाईजर और मॉडर्ना के टीके बन पाए है और आज की तारीख में अमेरिका के पास में आवश्यकता से भी अधिक टीके है, अगर भारत ने भी स्वार्थ दिखाते हुए कच्चे माल के एक्सपोर्ट पर रोक लगाकर अपने इस्तेमाल में लेने के लिए कोशिशे की होती तो शायद आज अमेरिका भी ऐसी ही दिक्कत से जूझ रहा होता जिससे आज भारत जूझ रहा है.

ट्रम्प के कार्यकाल में भी मेडिकल सप्लाई जारी रखी थी
जब अमेरिका में ट्रम्प का कार्यकाल चल रहा था तब अमेरिका में करोना के कारण बुरे हालत हो रखे थे, ऐसे वक्त में भारत ने अपने दवाई एक्सपोर्ट पर से स्पेशल बैन हटाकर के अमेरिका को जो भी दवाई चाहिए थी तुरंत प्रभाव से पहुंचानी शुरू की थी और कही न कही उस वक्त इंडिया ने एक बहुत ही बड़ा रोल निभाया है दोस्ती का, इस कारण से मदद करने के मामले में अमेरिका की तुलना में भारत कई गुना बढ़त ले चुका है इस बात में कोई दो राय नही है.

ये चीजे वाकई में चौंकाती है कि विश्व भर में मीडिया इन चीजो के बारे में चर्चा नही कर रहा है जो भारत के महान स्वरुप को दर्शाता है और मोदी सरकार उसको बहुत ही अच्छे से लीड भी कर रही है.