काशीवासियों को मिलेगी क्रूज और रो-रो बोट की सौगात, सड़क पर ट्रैफिक लोड होगा कम

वाराणसी. देशभर में मशहूर बनारस की गंगा आरती को अब क्रूज (Cruise)पर बैठ कर देखा जा सकेगा। योगी सरकार काशीवासियों को जल्द ही तीन क्रूज की सौगात देगी। क्रूज में बैठकर पर्यटक काशी के सभी घाटों के आध्यात्म और धार्मिक इतिहास के बारे में ऑडियो वीडियो के जरिये जानकारी हासिल कर सकेंगे। क्रूज के साथ ही काशी के लोगों को योगी सरकार रो-रो (रोल ऑन रोल ऑफ पैसेंजर शिफ्ट) बोट का भी उपहार देगी। इनका इस्तेमाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए भी होगा। 200 की क्षमता वाले रो-रो बोट का नाम स्वामी विवेकानंद और सैम माणिक शाह के नाम पर है।

सड़क पर ट्रैफिक लोड कम करेगी क्रूज

वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि रो-रो बोट का इस्तेमाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए भी किया जायेगा, जिससे सड़क पर ट्रैफ़िक का लोड कम होगा। इससे अपने रोज के कामकाज के लिए यात्रा कर सकेंगे। रो-रो बोट और क्रूज सुबह व शाम को गंगा घाटों पर होने वाली आरती के साथ ही दोपहर में भी चलेगी। ये बोट पीपीपी मॉडल पर चलेगी। इनसे होने वाली आय का कुछ अंश स्थानीय निषाद समुदाय के लोगों के वेलफेयर पर भी खर्च होगा। इसमें पर्यटकों के बैठने के साथ वाहन भी ले जाने की व्यवस्था है।

दो मंजिला है क्रूज

यह क्रूज दो मंजिला होगा। इसमें पहली मंजिल सामान्य होगी जबकि ग्राउंड फ्लोर वाला हिस्सा वातानुकूलित होगा। यह 12 से 15 किलोमीटर की रफ़्तार से गंगा में चलेगा। इसका वजह 35 टन है और ये क्रूज एक मीटर पानी में भी सुगमता से चलती है। क्रूज को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसमें चार ऐसी लाइफ राफ्ट है जो आपातकाल स्थिति में खुद ही नदी में जाकर खुल जाएंगे और एक फ्लोटिंग टेंट के आकार का बोट बन जायेगा, जिसमें 20 लोग सवार हो सकते हैं। प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट और लाइफ बॉय ट्यूब का भी इंतजाम है।

क्रूज में दिखेगा काशी की आध्यात्म

क्रूज की डिजाइन काशी के आध्यात्म को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। काशी आध्यात्मिक नगरी है, जहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटकों का आना होता है। काशी के इसी महत्व को समझते हुए क्रूज की डिजाइन तैयार की गई है। क्रूज के अंदर की साज सज्जा में काशी के धार्मिक और आध्यात्मिक नजारे के साथ ही यहां के धरोहरों का इतिहास भी दर्शाया गया है। साथ ही सैलानियों को जानकारी देने के लिए बड़ी स्क्रीन लगी है। इस पर ऑडियो वीडियो का संचालन होगा जिसमें अस्सी घाट से शुरू होकर आदिकेशव घाट तक के 84 घाटों के एरियल व्यू के साथ, घाटों के इतिहास, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दिखाई जाएगी।

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