देश हुआ पहले से ज्यादा और ताकतवर, DRDO ने किया इस खतरनाक मिसाइल का परीक्षण

एक तरफ जहाँ हमारे देश को कोरोना जैसे भयावह बीमारी तेजी से तोड़ने का प्रयास कर रही है वहीं इस खतरनाक बीमारी का सामना करने के बाद भी भारत अपने दुश्मनों से निपटने के लिए एक से बढ़कर एक हथियार तैयार कर रहा है. देश को हर तरफ से सुरक्षित करने का प्रयास तेजी से किया जा रहा है. आपको बता दें कि भारत ने अपनी स्वदेशी लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट तेजस से हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल पाइथन का परीक्षण किया है. पाइथन मिसाइल का परीक्षण गोवा के पास आसमान में बहुत ही तीव्रता से भाग रहे विदेशी जेट को पाइथन मिसाइल ने पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया.

रक्षा सूत्रों के द्वारा मिले हुए जानकारी के मुताबिक टेस्ट की गई पाइथन मिसाइल 5वीं पीढ़ी की हवा से हवा में मार करने वाली है. आपको बता दें कि पाइथन मिसाइल का परीक्षण करने से पहले बेंगलुरु में तेजस में लगी एवियोनिक्स, फायर-कंट्रोल रडार, मिसाइल वेपन डिलीवरी सिस्टम, और फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम का परीक्षण किया गया. उसके बाद गोवा में तेजस के ट्रायल में शामिल होने के लिए भेजा गया था. तेजस से कई किलोमीटर दूर ड्रोन को उड़ाया गया, जो ऊपर-नीचे दायें बायें डाइव लगाकर उड़ रहा था.तेजस से निकलके पाइथन मिसाइल ने पैंतरेबाजी कर रहे ड्रोन को खोज कर मार गिराया.

रक्षा मंत्रालय ने ये भी बताया कि भारत में पाइथन मिसाल के कई ऐसे टेस्ट किये गये जिनमें से पाइथन मिसाइल नजरों से ओझल हो चुके टारगेट को सफलतापूर्वक खोजकर मार गिराया है. पाइथन मिसाइल के आ जाने से भारत की शक्ति और भी बढ़ गई है. भारत की यह नई कामयाबी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योकि पूर्वी लद्दाख में चीन की सेनाओं और भारत के सेनाओं के बीच पिछले एक साल से काफी तनाव बना हुआ है. चीन अपने उस क्षेत्र में लगभग 50 हजार सैनिकों को पूरी तरह से तैनाथ कर के रखा है और साथ ही आप को ये भी मालूम हो कि आधुनिक फाइटर जेट, एयर डिफेंस, तोप और टैंक भी उस क्षेत्र में एकत्रित कर रखें हैं और चीन को पूरी तरह से आँख दिखाने के लिए भारत ने भी अपने सैनिक और हथियार उस क्षेत्र में तैनाथ कर के रखें हैं. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस बड़ी सफलता के लिए भारतीय वायुसेना DRDO, ADA, HAL समेत एजेंसीयों क बधाई दी है.