ममता के चाणक्य PK का ऑडियो चैट वायरल : मोदी की लोकप्रियता, रैलियों में भीड़, हिन्दुओं की एकजुटता का जिक्र कर मानी हार

बात उस वक़्त की है जब बंगाल में चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ था. हर रोज किसी ने किसी एजेंसी का ओपिनियन पोल आता जिसमे ये दावा किया जाता है कि इस बार बंगाल में TMC और BJP के बीच कड़ी टक्कर है. इन ओपिनियन पोल्स में बीजेपी को सत्ता की दहलीज पर खड़ा दिखाया जा रहा था. गृह मंत्री अमित शाह भाजपा के 200 सीटें जीतने का दावा कर रहे थे तब ममता बनर्जी के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा था कि अगर भाजपा की सीटें डबल डिजिट में आई तो वो रणनीतिकार का काम छोड़ देंगे. अब प्रशांत किशोर की एक ऑडियो चैट सामने आई है जिसमे वो दरबारी मीडिया के साथ क्लबहाउस प्लेटफॉर्म पर बंगाल के हालात पर डिस्कशन कर रहे हैं. प्रशांत की बातों को सुनकर ये साफ़ पता चलता है कि बंगाल में TMC के साथ खेला हो चुका है. ये ऑडियो चैट बंगाल में चौथे चरण के मतदान के दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इस चैट में मोदी पूरा वामपंथी मीडिया शामिल था. आरफा खानम शेरवानी, स्वाति चतुर्वेदी, साक्षी जोशी और हाँ ब्रह्माण्ड के सर्वश्रेष्ठ निष्पक्ष पत्रकार रवीश कुमार भी इस ऑडियो चैट में शामिल थे.

इस वायरल ऑडियो चैट में रवीश कुमार सवाल पूछते हैं कि इकॉनोमी क्राइसिस के बाद भी मोदी के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर क्यों नहीं है? इस पर प्रशांत किशोर् जवाब देते हैं कि हाँ ये सच है क्योंकि मोदी का पूरे देश में एक कल्ट बन गया है. हिन्द भाषी मोदी के सपोर्ट का कोर बेस है. एंटी इनकम्बेंसी मोदी के खिलाफ नहीं बल्कि स्टेट गवर्नमेंट के खिलाफ है और मोदी बंगाल में बहुत पोपुलर है.

इस वार्तालाप में ध्रुवीकरण पर भी चर्चा होती है. प्रशांत किशोर कहते हैं कि पिछले 20-25 सालों में मुस्लिम वोटबैंक को खुश करने वाली राजनीति हुई है. चाहे वो कांग्रेस ने की हो, लेफ्ट ने की हो, TMC ने की हो या फिर अन्य पार्टियों ने. पहली बार हिन्दुओं को ऐसा लग रहा है कि अच्छा कोई पार्टी है जो हमें भी पूछ रही है.

मगर सबसे दिलचस्प सवाल पूछा पत्रकार साक्षी जोशी ने. इतने गंभीर डिस्कशन के दौरान साक्षी जोशी को इस बात क चिंता थी कि ममता बनर्जी टॉयलेट कब जाती हैं? कहाँ जाती हैं? बस इससे ज्यादा हम आपको नहीं बता सकते. आप खुद सुनिए और उसके बाद प्रशांत किशोर का जवाब भी सुनिए.

साक्षी जोशी के सवाल को सुन कर सर मत पिटिए अपना, क्योंकि वो दरबारी मीडिया की उस परंपरा को ही आगे बढ़ा रही हैं जिसमे पूछा जाता है कि ‘आपकी आपने सास के साथ कैसे रिश्ते हैं?’ सबसे दिलचस्प बात तो ये कि ये ही दरबारी मीडिया तब बहुत उछल कूद मचाते हैं और नैतिकता का ज्ञान देते हैं जब को अभिनेता पीएम से पूछ लेता है कि आप आम कैसे खाते हैं? मुझे लगता है आम वाला सवाल तो टॉयलेट वाले सवाल के मुकाबले फिर भी सही था.