Ram Mandir : भूमि इम्प्रुमेंट के लिए बिछाई जा रही EFM की पहली लेयर

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
अयोध्या. राम मंदिर निर्माण के लिए वेद 40 फुट खुदाई भरे जाने के लिए इंजीनियरिंग फील्ड मैटेरियल के लेयर को बिछाए जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके निरीक्षण के लिए आज निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र भी अयोध्या पहुंच रहे हैं जहां ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ किए जा रहे कार्यों का जायजा लेंगे।

ग्राउंड इंप्रूवमेंट के लिए बिछाई गई 300MM की मोटी लेकर

राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण को लेकर 2.77 एकड़ में 400 फुट लंबा 250 फुट चौड़ा और 40 फुट गहरे मिट्टी हटाए जाने का कार्य पूरा कर लिया गया था। जिस पर इंजीनियरिंग फील्ड मटेरियल द्वारा भूमि के इम्प्रुमेंट का कार्य 40 फुट गहराई को भरे जाने के लिए 1 फुट पर 300 MM की मोटी लेयर बिछाए जाने के साथ मशीनों कॉम्पेक्ट किए जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। वही चल रहे इस कार्य का जायजा लेने के लिए आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ट्रस्टी व निर्माण समिति के के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र रामजन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। इस दौरान निर्माण कार्य कर रहे L&T और TEC कंपनी के अधिकारियों के साथ चल रहे कार्य का फीडबैक पर चर्चा करेंगे।

क्या है ग्राउंड इंप्रूवमेंट का कार्य

रामजन्मभूमि परिसर मंदिर निर्माण स्थल पर NGRI के द्वारा प्राप्त रिपोर्ट में 40 फुट गराई तक मलवा पाया गया था जिसे हटाए जाने के बाद अब उस भूमि को ठोस किये जाने के लिए इंजीनियर फील्ड मटेरियल जिसमें सीमेंट, मोरंग, कंक्रीट और सिलिकॉन (अबरक) व फ्लाईऐश ( कोयले की राख ) को मिक्स कर मसाले से प्लेटफार्म ढाले जाने का कार्य किया जा रहा है। सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिकों द्वारा दी गई रिपोर्ट में रामजन्मभूमि परिसर समुद्र तल से 105 फुट ऊंचाई पर स्थित है। इसलिए इस हटाए गए मलबे के स्थान को इंजीनियरिंग फील्ड मटेरियल के द्वारा ठोस बनाये जाने का कार्य किया जा रहा है जिसे भूमि इंप्रूवमेंट कहा जाता है।

राम जन्मभूमि परिसर में कार्य कर रहे 10 मशीनें, 50 मजदूर

राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे भूमि इंप्रूवमेंट के कार्य के लिए राम जन्मभूमि परिसर में मिक्सिंग प्लांट लगाया गया है जिसमें इंजीनियरिंग फील्ड मटेरियल को मिक्स किए जाने का कार्य किया जा रहा है जिसके लिए दो जेसीबी दो पोकलैंड लगाया गया है तो वही मटेरियल को बिछाई जाने के लिए चार मशीनें लगाई गई है जिसके साथ दो वाईब्रो रोलर के माध्यम से कॉम्पेक्ट किया जा रहा है। जिसके लिए लगभग 50 मजदूर व 12 इंजीनियर को लगाया गया है।