कोरोना को मात देने के लिए भारत के सहयोग के लिए खड़े हैं ये 42 देश

देश में कोरोना ने हाहाकार मचा के रखा हुआ है. कोरोना के दूसरी लहर ने हम सबको पूरी तरह से झकझोर के रख दिया है. कोरोना महामारी की दूसरी लहर से उपजी स्थितियां संभलने का नाम नहीं लें रही हैं. इस कोरोना नामक बीमारी ने हर किसी को तेजी से अपनी गिरफ्त में लेता हुआ दिखाई दे रहा है. कोरोना वायरस के बदलते हुए प्रतिरूप कहीं अधिक घातक हैं और वे संक्रमण भी तेजी से फैला रहें हैं और इसी कारण हमारे देश के लगभग हर राज्य में स्वास्थ ढांचा करीब लाचार होते दिख रहा है.

आपको बता दें कि इस कोरोना काल के समय में हमारे देश में हो रही कमी को दूर करने के लिए भारत के साथ 42 देश पूरी तरह से सहयोग का हाथ बढ़ाते हुए खड़े हैं. जिसमें से अभी तक कोरोना से निपटने के लिए 21 देशों का मदद भारत तक पहुंच आया है. देश में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की कमी हो रही है और इस कमी को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर विदेशों से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स और अन्य कई उपकरण भी आये हैं और इसी के साथ दवाओं की हो रही कमी को दूर करने के लिए कई दवाओं की आपूर्ति को पूरा करते हुए रेमडेसिवर के लाखो वॉयल भेजे गये हैं.

देश में हो रहे ऑक्सीजन के संकट को दूर करने के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए ऑक्सीजन का उत्पादन 5700 मीट्रिक टन को बढ़ाकर 9480 मीट्रिक टन कर दिया गया है. लेकिन देश में जिस तरह से ऑक्सीजन की कमी हो रही उसे देखते हुए इसे और बढ़ाने के आवश्यकत है. आप को बता दें कि इस भयावह स्थिति के समय में विदेशों से 20000 ऑक्सीजन सिलेंडर, 11000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, 30 ऑक्सीजन टैंकर और 75 ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट्स आयें हैं. जो कोरोना जैसे घातक बीमारी से निपटने में हमारी मदद करेंगें.