5G सेलुलर टेक्नोलॉजी के खिलाफ कोर्ट पहुंची जूही चावला, आज होनी है केस पर पहली सुनवाई

5G सेलुलर टेक्नोलॉजी के खिलाफ कोर्ट पहुंची जूही चावला, आज होनी है केस पर पहली सुनवाई

5G सेलुलर टेक्नोलॉजी के खिलाफ कोर्ट पहुंची जूही चावला, आज होनी है केस पर पहली सुनवाई

बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला (Juhi Chawla) का नेचर के प्रति खास लगाव है। वह अक्सर सोशल मीडिया पर पर्यावरण को लेकर के पोस्ट करके फैंस को अवेयर करती रहती हैं। भारत में बहुत जल्द ही 5G सेलुलर तकनीक लागू होने जा रही है। जिसके चलते पर्यावरण को खासा नुकसान होने की संभावना है। 5G सेलुलर टैक्नोलॉजी के आने से लोगो की सेहत पर भी इस का प्रभाव पड़ने वाला है। ऐसे में एक्ट्रेस जूही चावला ने देश में 5G सेलुलर टैक्नोलॉजी के लगने से पहले ही इसके खिलाफ याचिका दायर की है। जिसकी आज पहली सुनवाई होनी हैं।

टेलिकम्यूनिकेशन इंडस्ट्री की 5G सेलुलर तकनीक को भारत में लाने की तैयारियां जोरो पर हैं। इस टैक्नोलॉजी के आने से पशु- पक्षी, इंसान सभी पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। आरएफ रेडिएशन आज की तुलना में 10- 100 गुना बढ़ा दी जाएगी। इस 5जी तकनीक की वजह से पूरे इकोसिस्टम पर भी बुरा प्रभाव पड़ने की संभावना हैं। स्टडी और क्लिनिकल एविडेंस के अनुसार कई लोग इससे बीमार हुए हैं, कई लोगों के डीएनए, सेल्स और ऑर्गन सिस्टम डैमेज हुए हैं। जिसके कारण कई बड़ी बीमारियों के होने का खतरा भी हैं।

एक्ट्रेस जूही चावला का कहना है कि हम एडवांस टैक्नोलॉजी के लगने के खिलाफ नहीं हैं। हम लेटेस्ट प्रोडक्ट को यूज़ कर एंजॉय करते हैं। लेकिन इस के कारण हम परेशानी में भी हैं। जब हमने आरएफ रेडिएशन पर वायरलेस गैजेट और नेटवर्क सेल के जरिए अपनी खुद की स्टडी और रिसर्च की तब हमें पता चला कि ये रेडिएशन लोगो के लिए बेहद हानिकारक है और उनकी हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

हालांकि इसके उलट टेलिकम्यूनिकेशन मंत्रालय की ओर से ऐसी किसी भी तरह की रिसर्च होने की खबरें नहीं आई है। मंत्रालय का कहना है कि SERB की ओर से ऐसी कोई भी स्टडी नहीं की गयी है। जिससे 2G, 3G, 4G, 5G सेलुलर टेक्नोलॉजी के कारण मानव जाति या पशु- पक्षियों पर पड़ने वाले प्रभाव का पता लगाया जा सकें। वहीं जूही चावला के स्पोक्स पर्सन की तरफ से जारी स्टेटमेंट में कहा गया है कि यह केस इसलिए दर्ज किया गया है ताकि कोर्ट की नजर इस मामलें पर डाली जा सकें। ताकि वह हमे बता सकें कि 5जी तकनीक इंसान, जानवर, पक्षियों सभी के लिए सुरक्षित है। और अगर इस मामलें में अभी तक कोई स्टडी नहीं की गयी है तो कोर्ट इस पर रिसर्च करवाएं और बताएं कि 5जी तकनीक का भारत में आना सुरक्षित होगा कि नहीं।