बड़ी खबर : भारत और ब्रिटेन का हुआ समझौता, अवैध रूप से आने-जाने वाले लोगों पर लगा रोक

दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में साझा मूल्यों, समान कानूनों और संस्थानों के आधार पर, अपनी रणनीतिक भागीदारी को मज़बूत करने का ब्रिटेन और भारत की स्वाभाविक महत्त्वाकांक्षा पहले से ही रहा है. दोनों देश वैश्विक दृष्टिकोण और एक नियम-आधारित ऐसी अंतरराष्ट्रीय प्रणाली के लिए प्रति वचनबद्धता का हिस्सा हैं. भारत देश और ब्रिटेन देश का महत्त्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार भी है. वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान दोनों देशों के मध्य स्वास्थ्य को लेकर अभूतपूर्व सहयोग देखा जा सकता है. आपको बता दें कि भारत और ब्रिटेन इसी तरह से अपने सम्बन्धों को मजबूत बनाते हुए एक ठोस कदम उठाया है.

खबरों के अनुसार अभी जल्द ही भारत और ब्रिटेन ने माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं. ऐसा माना जा रहा है कि करार इमीग्रेशन के लिहाज से अधिक लाभकारी रहेगा. समझौते के अनुसार दोनों देशों के नागरिकों को एक – दुसरे के देश जाकर कानूनी तौर पर रहने और कार्य करने के कई मौके मिलेंगें. माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप समझौते के बारे में बताते हुए ब्रिटेन की गृहमंत्री प्रीति पटेल ने कहा कि MMP पर अभी जल्द ही भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की ब्रिटेन यात्रा के समय हस्ताक्षर किये गये थे. इस समझौते के होने से दोनों देशों के बीच हो रहे अवैध रूप से आन – जान पर रोक लगेगी. इसी के साथ ही ब्रिटेन के ब्रेक्जिट समझौते के बाद की व्यवस्था में साफ सुथरा इमीग्रेशन सिस्टम और भी मजबूत होगा.

ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने ये भी बताया कि इस समझौते से भारत में अपराध करने के बाद जो लोग ब्रिटेन भाग आते थे. उन पर भी आसानी से रोक लगाया जा सकेगा. उन्होंने आगे कहा कि MMP समझौते से दोनों देशों को फायदा होगा. दोनों देशों के कानूनों का पालन करते हुए यात्रा करने वाले लोगों को बहुत अधिक सुविधा होगी. जो भी लोग भारत या फिर ब्रिटेन में रहकर कार्य करना चाहते हैं इस समझौते से उन्हें कई नए मौके भी प्राप्त होंगें. ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने कहा कि MMP के लागू होने पर आने वाले अप्रैल 2022 से 18 से 30 साल के युवा 24 महीने रहने और कार्य करने के लिए आवेदन कर सकते हैं.