उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वो कर दिखाया जो किसी ने भी नहीं किया, होने लगी तारीफें

आज देश कोरोना की दूसरी लहर के कारण यु’द्ध स्तरीय संकट के दौर से गुजर रहा है. देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने हर किसी को चिंता में डाल रखा था. कोरोना से संक्रमण से बचाव के लिए देश का हर राज्य इस घातक महामारी को मात देने के लिए हर संभव प्रयास करने में लगे हुए हैं. लेकिन आपको बता दें कि देश में एक राज्य ऐसा भी है जो कोरोना जैसे घातक महामारी का इतना बेहतर तरह से सामना किया है. जो अपने आप में एक मिशाल बन गया है.

आईये हम आपको बताते हैं देश के ऐसे राज्य के बारे में जिसने असम्भव को संभव कर दिखाया है उस राज्य का नाम उत्तर प्रदेश है जो सबसे घनी आबादी वाला राज्य है. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना महामारी पर अंकुश लगाने के लिए यूपी मॉडल बनाया था. जिसके वजह से प्रदेश में कोरोना के कहर को काफी हद तक रोका जा सका है. हम आपको इस यूपी मॉडल की दो बातों को बताना चाहते हैं जिसकी तारीफ विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से ट्वीट करके कही गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उत्तर प्रदेश के गाँव में कोरोना को मात देने वाले प्रयासों के बारे कहा कि भारत के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए राज्य के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में डोर – टू – डोर जाकर कोरोना के लक्षण वाले लोगों की रेपिड टेस्टिंग के साथ आइसोलेशन से लेकर कोरोना के कीट तक उपलब्ध कराने की शुरुआत की है.

वहीं यूपी मॉडल की दूसरी तारीफ करते हुए उत्तर प्रदेश में कोरोना से युद्ध जीतने के लिए हर बड़े शहरों में पीडियाट्रिक बेड बनाने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर सराहना करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि महाराष्ट्र राज्य में भी उत्तर प्रदेश की तरह पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट बनाने पर विचार क्यों नहीं किया जा रहा है. इसी के साथ ही ट्रिपल टी नाम का अभियान भी चलाया जा रहा है इसका मतलब ये है कि ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट इस अभियान के माध्यम से कोरोना संक्रमितों की तेजी से पहचान करके उपचार किया जा रहा है. आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश में बनाये गये यूपी मॉडल की चर्चा अपने देश के साथ – साथ ही पुरे दुनिया में की जा रही है.