प्रशांत किशोर ने बताया, क्यों इतना समर्थन मिलने के बाद भी नही जीत पायी बीजेपी

अभी आपको मालूम ही है कि पश्चिम बंगाल में बहुत ही अधिक ज्यादा जोर शोर के साथ में बीजेपी ने चुनाव लड़ा था और कोशिश तो पूरी थी कि किसी न किसी तरह से जीत हासिल कर ली जाये, मगर ऐसा हो नही पाया और आखिर में जाकर के हार ही हाथ लगी. हालांकि सवाल ये है कि जब मोदी इतने लोकप्रिय है और भाजपा की काफी मजबूती नजर भी आती है तो फिर ऐसे में बंगाल में दीदी कैसे बाजी ले गयी? इस सवाल का जवाब बंगाल में स्ट्रेटजी तैयार करने वाले प्रशांत किशोर देते है.

मोदी लोकप्रिय, लेकिन केम्पेनिंग में हुई गडबडी
जाने माने राजनीतिक स्ट्रेटजिस्ट प्रशांत किशोर से जब ये सवाल किया गया कि आपको क्या लगता है इतना अधिक जोर लगाने और चुनाव प्रचार करने के बाद में भी बीजेपी चुनाव क्यों हार गयी? इस सवाल का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर कहते है कि कोई भी जीत या हार कई चीजो के मिश्रण के कारण से होती है. बीजेपी के पास में पिछले लोकसभा चुनावों का जो जीत का मॉडल था उसी को उन्होंने आगे बढाया और इस विधानसभा चुनाव को जीतने की कोशिश की, लेकिन जो बदलाव यहाँ पर है उसे उन्होंने नोटिस नही किया. इस वजह से उनको नुकसान हुआ है.

साथ ही वो ये कहते है कि टीएमसी ने बीजेपी की कार्यशैली और प्लानिंग को देखते हुए अपने प्लान तैयार किये और इसी से उनको बढ़त मिली है. खैर अब जो भी कहे लेकिन अभी के लिए टीएमसी जीत चुकी है. हाँ एक बुरी बात ये भी है कि ममता बनर्जी बड़े ही बुरे तरीके से हारी है और इससे उनके पहले जैसी इज्जत रह भी नही जायेगी ये भी साफ़ सी बात है.

बाकी अभी बीजेपी अगले चुनावों पर नजर अभी से ही डालकर के बैठ गयी है और कब जाकर के चीजो में बदलाव आयेंगे ये अपने आप में देखने वाली ही बात होगी. अभी के लिए प्रशांत किशोर खुद भी अपने काम से रिटायरमेंट ले रहे है.