जानिये भारत को लेकर ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने ऐसा क्या फैसला लिया है जो अपने ही देश में हो रही है फ़जीहत

भारत में कोरोना वायररस की दूसरी लहर जमकर हाहाकार मचा रही है. ऐसा कोई दिन नही जा रहा है जब तीन लाख से ज़्यादा लोग हर दिन कोरोना से संक्रमित नही हो रहे हों और हज़ारों लोग अपनी जान न दे रहे हों. कोरोना को क़ाबू करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारें एक के बाद एक बड़ा कदम उठा रही हैं लेकिन हालात सुधर नही रहे हैं.

जानकारी के लिए बता दें कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से ही भारत में चल रहे आईपीएल के सभी मैचों को भी रद्द कर दिया था. अभी हाल ही में कोलकाता नाईट राइडर्स के कुछ खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव आये थे वहीँ चेन्नई टीम के स्टाफ के भी 3 लोग पॉजिटिव आने के बाद BCCI ने ये फैसला लिया है. भारत में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते कई देशों ने भारत से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया और साथ ही वहां से आने वाली उड़ानों को भी रोक दिया है.

दरअसल ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भारत से अपने वतन लौटने की कोशिश करने वाले नागरिकों को लेकर बड़ा फरमान जारी कर दिया था. ऑस्ट्रेलिया ने इसके लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान तय कर दिया था. अब ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के इस फैसले को लेकर उनके देश में ही विवाद छिड़ गया है. वहीँ भारत में मौजूद ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को लेकर भी सवाल उठने लगे कि वहां के सरकार के इस फैसले के बाद वो लोग कैसे अपने वतन वापस जायेंगे. ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने इतिहास में पहली बार अपने उन नागरिकों के देश लौटने पर रोक लगा दी है जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया वापस आने से पहले 14 दिन भारत में बिताए हैं.

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में विपक्ष के नेता नेता एंथोनी अल्बानी ने अपने देश के लोगों को भारत में छोड़ने और वापस आने पर जुर्माने व जेल की सजा का प्रावधान करने के चलते पीएम स्कॉट मोरिसन की आलोचना की है. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसे लोगों पर मुकदमा चलाया जायेगा आयर पांच साल तक की जेल के साथ 66000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना भी लगाया जायेगा. अब ऑस्ट्रेलिया के लोग ही अपने पीएम के इस फैसले को लेकर सवाल उठा रहे हैं. वहीँ भारत में कमेंटेटर के तौर पर भारत में आईपीएल में हिस्सा लेने आये माइकल स्लेटर ने पीएम स्कॉट को आड़े हाथों लिया है तो वहीं कई खिलाड़ियों ने उन्हें प्राइवेट जेट से अपने वतन बुलाने की मांग की है. भारत में फंसे अपने घर के सदस्यों को लेकर कई परिवार चिंतित हैं. कहा जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया के कुछ वकील पीएम के इस फैसले को लेकर कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं. वहीँ द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार कहा जा रहा है कि भारत में ऑस्ट्रेलिया के 9 हजार लोग फंसे हुए हैं. ऐसे में उनके परिवार के लोग वापस वतन लौटने को लेकर काफी चिंतित हैं क्योंकि भारत में कोरोना की दूसरी लहर जमकर कहर बरपा रही है.