कोरोना काल में जरुरतमंदों की सेवा कर रही पंजाबी सिंगर अर्पिता बंसल, साझा किया अपना अनुभव

कोरोना वायरस की दूसरी लहर अभी भी जारी हैं। इसबीच तमाम समाजसेवी से लेकर अभिनेता और अभिनेत्री भी लोगों की मदद के लिए सामने आये हैं। इन्हीं में एक नाम पंजाबी सिंगर और एक्ट्रेस अर्पिता बंसल का भी है। वह इस कठीन समय में लगातार लोगों की मदद कर रही हैं। वह दिल्ली और पंजाब के अधिकतर इलाकों में परेशान, गरीब, जरूतमंद और बीमार लोगों की मदद करने के लिए उन्हें राशन, खाना और ऑक्सीजन मोहैया करवा रही हैं। साथ ही में उन्होंने शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए अपने ट्रस्ट मुस्कान केके मेमोरियल ट्रस्ट के तहत "अर्पित अन्नपूर्णा योजना" अभियान शुरू किया है।

वह कौन-सा ट्रिगर पॉइंट था, जब आपको लगा कि इस महामारी में आपको पीड़ितों के लिए आगे आना चाहिए?

हमारा देश महामारी के सबसे काले दिनों से गुजर रहा है, लेकिन अभी और भी काले दिन आने वाले हैं। क्योंकि ये महामारी अब गाँव की तरफ रुख कर रही हैं। मामलों में भारत की खगोलीय वृद्धि वैश्विक महामारी को बढ़ावा दे रही है, और भारतीय लोगों की आर्थिक और सामाजिक भलाई के लिए एक गंभीर खतरे का प्रतिनिधित्व करती है। राजनीतिक नेता, जो कि बहुत ही धीमी चाल से अपने कामो को रहे हैं और बड़े पैमाने पर प्रकोप को गंभीरता से लेने में विफल रहे हैं, उन्हें शायद कार्य की गंभीरता का एहसास नहीं हो रहा है। इसलिए एक इंसान के रूप में यह मेरा कर्तव्य है कि मैं इस कठिन समय में दूसरों की जितनी हो सके उतनी सेवा करूं। मेरा पंजाबी इंडस्ट्री से जुड़े हर कलाकार से भी अनुरोध है कि कृपया आगे आएं और इस समय में दूसरों की मदद करें, ताकि हम मिलकर इस महामारी से लड़ सकें और इसे हराए।

अब तक आप कितनों की मदद कर चुकी हैं?

'मेरे लिए गिनती से ज्यादा जरुरी है लोगो के चेहरों पे मुस्कान लाना। मैं जितने अधिक से अधिक लोगो की मदद कर सकू, उसे मैं अपनी ख़ुशनसीबी समझती हूं। मैंने सोचा भी नहीं था कि हमारा देश कभी ऐसी परिस्थिति से गुजरेगा । लोगों को लाचार एवं बेसहारा देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होता है। अप्रैल की शुरुआत में, मैं और मेरी टीम हमारे आने वाले सोंग्स की शूटिंग्स कर रहे थे, जैसे ही मुझे पता लगा की हमारे ही क्रू के एक लाइटमैन की माँ सीरियस है, तभी मैंने फैसला किया के हम अपने सभी सोंग्स की शूटिंग्स को रोके और इस समय जरुरतमंदो की मदद करे। वास्तविक तौर पर मैं पिछले २६ सालो से जरुरतमंदो की सेवा कर रही हूं।'

ऐसा कोई केस जो बहुत ही मुश्किल रहा हों, मगर आपने अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगाकर उन्हें बचा लिया?

'कई केस में हम लोगों की मदद कर पाए मगर कई जगह तमाम कोशिशों के बावजूद नाकाम रहे। एक बुजुर्ग थे दिल्ली के ईस्ट इलाके के, उनके बेटे का मेरे इंस्टाग्राम पर मैसेज आया था कि हमे ऑक्सीजन की जरुरत है, हमने उन्हें ऑक्सीजन उपलब्ध करवाया, परन्तु 2 दिन बाद उनका कॉल आया कि उनके पिताजी की कंडीशन बेहद ख़राब है और वो कुछ रेस्पोंसे नहीं कर रहे है, बहुत ही जतोजेहत और मुश्किलों के बाद एक हॉस्पिटल में आईसीयू बेड की व्यवस्था हो पाई। मुझे उस दिन बहुत ख़ुशी हुई जब उनके बेटे ने कॉल करके बताया के पिताजी को घर ले आये है हम लोग वो ठीक हो गए हैं। '

किस चीज़ से लेती हैं प्रेरणा

"मैं वास्तव में ईश्वर और ब्रह्मांड की शक्ति में बहुत अधिक विश्वास रखती हूं। । मेरा यह मानना है कि हर दिन एक नया दिन होता है और हमें इसका सर्वोत्तम लाभ उठाने के लिए अपने मूल सिद्धांतों पर टिके रहना चाहिए। आप बड़ी चुनौतियों को छोटे एवं घटक भागों में तोड़कर उन्हें कम चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। छोटे, अधिक आसानी से प्राप्त करने योग्य लक्ष्य निर्धारित करने से आपको उन्हें नियमित रूप से साकार करने की संतुष्टि होगी। लोगों के चेहरों पे मुस्कान लाना ही मेरा परम उद्देश्य हैं।"