कांग्रेस के नाम दर्ज हुआ एक और बड़ा रिकॉर्ड, आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब कांग्रेस की बंगाल में..

पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं. पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में से अगर किसी को इंतज़ार था तो वो बंगाल का ही था. करीब 2 महीने तक चले ये चुनाव तमाम तरह के विवादों से हो कर गुजरे. कोरोना के कहर के बीच चुनावी रैलियों ने चुनाव आयोग पर तमाम तरह के सवाल उठाये. कोर्ट ने भी चुनाव आयोग को फटकार लगाई. लेकिन इन सब के बावजूद चुनाव हुए और सफलतापूर्वक समाप्त हुए थे. जनता ने भी बढ़ चढ़कर मतदान किया.

जानकारी के लिए बता दें बंगाल की 292 सीटों में से TMC ने 213 सीटों पर जीत हासिल करके तीसरी बार सत्ता में वापसी की है. भाजपा की तुलना में TMC को 10 प्रतिशत अधिक वोट प्राप्त हुए हैं. भाजपा को बंगाल में 77 सीटों पर जीत मिली. इसी बीच कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है.

बंगाल चुनाव के नतीजों के बीच सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली थी और राज्य की दूसरी बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी. अब कांग्रेस का राज्य में खाता तक भी नही खुला है. राज्य में कांग्रेस को 2.93 फ़ीसदी वोट तो मिले लेकिन एक भी सीट पर जीत दर्ज नही कर पाई.

ग़ौरतलब है कि बंगाल में वाम मोर्चा कांग्रेस गठबंधन शून्य पर ही सिमट कर रह गया. राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी से एक उम्मीदवार और एक निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं. वहीं कांग्रेस और वामदलों का खाता भी नही खुला. देश की आज़ादी के बाद बंगाल में ऐसा पहली बार हुआ है कि लेफ़्ट फ़्रंट और कांग्रेस का एक भी विधायक नही जीता हो. कांग्रेस के नाम एक ये रिकॉर्ड भी शामिल हो गया है.