महामारी में भारत और भारत सरकार को बदनाम करने के लिए रची गई टूलकिट साजिश? भाजपा ने जारी किया कांग्रेसी टूलकिट

एक बार फिर एक तूल्किटने दश की सियासत में हंगामा मचा दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस टूलकिट के कांग्रेस होने का आरोप है. इसको लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों आमने सामने आ गए हैं. बताया जा रहा है कि कोरोना महामारी का इस्तेमाल कांग्रेस ने मोदी सरकार और भारत को दुनिया भर में बदनाम करने के लिए किया ताकि राजनीतिक फायदा उठाया जा सके. इस टूलकिट में अस्पतालों में बेड हथियाने से लेकर हिन्दू उत्सव महाकुंभ को कोरोना फैलाने वाला बताने और साबित करने की कोशिश की बात है. ये टूलकिट भाजपा द्वारा जारी किया गया है. हालाँकि ये सच है या झूठ इसकी पुष्टि द चौपाल नहीं करता. कांग्रेस ने भी इसे फेक बताते हुए भाजपा नेताओं संबित पात्रा और जेपी नड्डा के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात कही है.

इस टूलकिट में महाकुंभ को बदनाम करने की साजिश का भी उल्लेख है. टूलकिट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया पहले ही कुंभ को ‘सुपर स्प्रेडर’ घोषित कर चुकी है. अब समान एजेंडे वाले देशी/विदेशी पत्रकारों के साथ मिल कर इस नैरेटिव को आगे बढ़ाने और प्रचारित करने की बात कही गई है. इस महामारी के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराने के लिए विदेशी मीडिया में आर्टिकल लिखवाए गए और कुछ ख़ास पॉइंट्स को मोदी सरकार के खिलाफ हाईलाईट किया गया ताकि महामारी फैलने की सारी जिम्मेदारी उनके सर पर डाली जाए. स्थानीय पत्रकारों से जलती चिताओं की तस्वीरें हासिल की गई और उसे विदेशी मीडिया में लिखने वाले भारतीय पत्रकारों के जरिये भारत और भारत सरकार को बदनाम करने में इस्तेमाल करने की बात इस कथित टूलकिट में कही गई है.

हालाँकि कांग्रेस ने इस कथित टूलकिट को फर्जी कह कर खारिज कर दिया है और जेपी नड्डा, संबित पात्रा, स्मृति ईरानी, बीएल संतोष समेत बीजेपी के कई नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. कांग्रेस का कहना है कि संबित पात्रा, बीएल संतोष सहित बीजेपी के अन्य लोगों ने जेपी नड्डा के कहने पर एक जाली और मनगढ़ंत दस्तावेज तैयार किया. इतना ही नहीं इसके लिए इन लोगों ने एआईसीसी रिसर्च डिपार्टमेंट का लेटरहेड भी तैयार किया.