उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्लैक फंगस नामक नई बीमारी को मात देने के लिए उठाये जरुरी कदम

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चरम पर पहुंचने के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा है कि महामारी धीरे – धीरे ही सही लेकिन थम रही है. कोरोना की यह भयावह लहर का कहर कम तो हो रहा है. लेकिन अभी इसे निष्क्रिय होने में बहुत समय लगेगा. कोरोना महामारी से अभी हम उबरने की कोशिश में लगें हुए हैं तभी हमारे दरवाजे पर एक और नई बीमारी ब्लैक फंगस नाम की दस्तक देने लगी है और उत्तर प्रदेश में इस बीमारी को बढ़ते हुए देख कर योगी आदित्यनाथ ने इस बीमारी से बचाव के लिए उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के विशेष निर्देश दियें हैं.

ब्लैक फंगस नाम की इस नई बीमारी के साथ आई चुनौतियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने संजय गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान की 12 म्यूकोर्मियोकोसिस प्रबंधन टीम का गठन किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते शनिवार को एक सरकारी बयान देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हुए लोगों में इस नए बीमारी ब्लैक फंगस के केस में अधिक मामले देखने को मिल रहें हैं. उन्होंने कहा कि इस बीमारी को ध्यान में रखते हुए इस संक्रमण की समुचित इलाज की व्यवस्था की जानी चाहिए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रूप से निर्देश दिया है कि सभी जिलों में ब्लैक फंगस के उपचार के लिए जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता निश्चित की जाये और इसी के साथ ही उन्होंने मुख्य सचिव को इस सम्बन्ध में भारत सरकार एवं चिकित्सा संस्थानों से जरूरी समन्वय किये जाने के निर्देश दियें हैं. ब्लैक फंगस के इलाज के लिए लाइन ऑफ ट्रीटमेंट करने का दिशानिर्देश के साथ ही इस सम्बन्ध में परामर्श भी जारी की गई है.