कोरोना वैक्सीन के दो खुराक के बीच के अंतर को बढ़ाये जाने के लिए किया गया सिफारिश…

कोरोना महामारी का कहर देश में बढ़ता ही जा रहा है. इस वर्ष फरवरी – मार्च में भारत ने मान लिया था कि अब कोरोना नियंत्रण में है. फिर अचानक से अप्रैल महीने में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी और कोरोना चारो ओर अपना आतंक मचाने लगा. कोरोना संक्रमण देखते ही देखते अपने चरम सीमा को पार करता हुआ चला गया. कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए हमारे पास मात्र एक ही विकल्प टीकाकरण का है और सरकार ने टीकाकरण को लेकर कुछ जरूरी बात कही है.

तो आईये जानते हैं सरकार ने कोरोना वैक्सीन को लेकर क्या कहा है. सरकार ने कोरोना से बचने के लिए लगाये जा रहे कोरोना वैक्सीन की दी जा रही दो खुराक में 12 से 16 सप्ताह के अंतर का सिफारिश करते हुए मांग की है. आपको बता दें कि पीटीआई के अनुसार नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन ने इसकी सिफारिश की है. एएनआई के अनुसार इस ग्रुप ने कोरोना वैक्सीन के दो डोज के बीच के अंतर को बढ़ने की कोई आवश्यकता नहीं महसूस की है.

आपको बता दें कि सरकार के पैनल की ओर से ये सिफारिश उस समय की गयी है जब एक नए अध्ययन में यह कहा गया था कि यदि कोरोना वैक्सीन के दो डोज के बीच के अन्तराल को बढ़ा दिया जाये तो इससे होने वालीं मौतों की संख्या को रोका जा सकता है. आपको बता दें कि देश में इससे पहले भी कोरोना से बचाव के लिए लगाई जा रही वैक्सीन की दो डोज के बीच के अन्तराल को बढ़ा दिया था. अब एक बार फिर समूचे विश्व में वैक्सीन के दो खुराकों के बीच में अन्तराल को बढ़ाने की बात चल रही है. वहीं ब्रिटेन ने अपने यहां वैक्सीन के दो डोज के बीच में 12 सप्ताह का अन्तराल देने का फैसला किया है. ब्रिटेन का कहना है कि वैक्सीन के पहली खुराक के बाद 80 फीसदी मौतें रोकी जा सकी हैं. इसके बाद संक्रमण की रफ्तार भी करीब 70 फीसदी तक कम हुई हैं.