पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को यूरोप ने दिया झटका, कही ये बड़ी बात

आज समूचा विश्व जहाँ कोरोना जैसे बड़ी महामारी से जूझ रहा है चारो ओर कोरोना का कहर छाया हुआ है. किसी तरह से लोग अपने-अपने देश को इस कोरोना जैसे घातक बीमारी से बचाने का पूरा जोर लगा रहें हैं. वहीं खबरों के अनुसार पता चला है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान एक बड़ी समस्या से घिरे नजर आ रहें हैं. इमरान खान ने कट्टरपंथियों के आगे झुकते हुए उन्होंने कई यूरोपीय देशों के सामने अपना जो रुख अपनाया था अब उसी का नतीजा सामने आ रहा है.

आपको बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामिक पार्टी तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान की मांग किये थे और संसद में फ्रांसीसी दूत के निष्कासन पर प्रस्ताव लाने की भी घोषणा किये थे. इतना ही नहीं उन्होंने यूरोपीय देशों में ईशनिंदा कानून बनाने की पूरी तरह से वकालत भी कर डाली थी और इमरान खान के अपनाये गये इसी व्यवहार को लेकर अब यूरोपीय संसद ने इसके जवाब में एक प्रस्ताव स्वीकार किया है. जिसमें पाकिस्तान के साथ सभी व्यापरिक रिश्तों की समीक्षा करने की बात कही गई है और इसी के साथ पाकिस्तान का सामान्य वरीयता वाला दर्जा भी ख़त्म करने की मांग की गई है.

यूरोपीय आयोग और यूरोपीयन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस ने पाकिस्तान में अभी जल्दी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान की वरीयता वाले दर्जे की तत्काल समीक्षा करने की मांग की है. आपको बता दें कि पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्ताव के सह- लेखक और स्वीडन के यूरोपीय संसद के सदस्य चार्ली विमर ने इस बात को ट्वीट करके बताया है. जानकारी के मुताबिक एक रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि इसके पर्याप्त कारण हैं कि पाकिस्तान को दिया गया वरीयता वाला दर्जा और इससे मिलने वाले सभी लाभों को अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया जाये. आपको बता दें कि सामान्य वरीयता वाला दर्जा कमजोर देशों को बिना किसी आयात शुल्क के अपने माल को यूरोपीय बाजार में बचने की इजाजत देता है.