आज हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिजनों के लिए किया बड़ा ऐलान

देश में कोरोना महामारी ने आतंक मचा कर रख दिया था. इस कोरोना के कहर ने पुरे देश को अपने गिरफ्त में कर रखा था. देश का कोई भी राज्य इस महामारी की चपेट से बच नहीं पाया था. बता दें कि इस कोरोना महामारी ने हर व्यक्ति को तबाह कर के रखा है. आज के समय में कोई भी ऐसे व्यक्ति को खोजना मुश्किल है जिसका कोई सगा – संबंधी या फिर उसका कोई मित्र इस महामारी की चपेट में न आया हो यहाँ तक कि जो इस बीमारी से लोगों का उपचार कर रहें हैं यानि कि डॉक्टर वो भी इस महामारी के चपेट में आ जा रहें हैं.

बता दें कि स्वास्थ्यकर्मी से लेकर शिक्षक तक हर वर्ग के लोग महामारी को झेले हैं. बता दें कि इस कोरोना महामारी से कई पत्रकारों की भी मृत्यु हो गई है. इस वजह से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना महामारी के कारण जिन पत्रकारों की मृत्यु हो गई है. उन पत्रकारों के परिजनों को आज हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर 10 लाख रूपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह घोषणा आज हिंदी पत्रकारिता के दिवस पर किया है. मुख्यमंत्री योगी जी के निर्देश पर सुचना विभाग ने पहले ही कोरोना महामारी से पत्रकारों की हुई मृत्यु का ब्यौरा इकट्ठा कर लिया था और अब मृतक पत्रकारों की सूचि तैयार करने के बाद उत्तरप्रदेश सरकार की तरफ से उनके परिजनों को 10 लाख रूपए की आर्थिक मदद की जाएगी. इसी के साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है कि सहायता राशि पाने के लिए कोरोना महामारी की वजह से मरने वालों के लिए सिर्फ पत्रकार होना आवश्यक है. यह आवश्यक नहीं है कि वह मान्यता प्राप्त था या नहीं. यानि कि अगर कोई पत्रकार अभी पत्रकारिता कर रहा है और उसकी मृत्यु कोरोना से हो गई है तो भी उसेके परिजनों को ये मदद राशि दी जायेगी.