उत्तर प्रदेश सरकार ने वैक्सीनेशन को रफ्तार देने के लिए निकाला ग्लोबल टेंडर, कई कंपनियों ने लिया रूचि

कोरोना की दूसरी लहर पहली लहर की तुलना में अधिक नुकसान पहुंचा रही है. कोरोना महामारी के कारण मानवीय क्षति भी बहुत हुई है. कोरोना महामारी से निपटने के लिए केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकारें भी अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर रहीं हैं. कोरोना के मौजूदा चुनौती से निपटने के लिए हर लिहाज से युद्धस्तर पर कदम उठाये जा रहें है और अच्छे से अच्छे प्रबंध भी किये जा रहें हैं. इसी के साथ ही कोरोना को मात देने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैक्सीनेशन को गति देने के लिए बड़े कदम उठाये हैं.

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्लोबल टेंडर को बढ़ावा दिया है. उत्तर प्रदेश के सरकार ने कुल चार करोड़ वैक्सीन की डोज के लिए टेंडर निकाला है. जिसमें भारत के कई कम्पनियों ने अपनी रूचि दिखाई है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निकाले गये इस टेंडर की प्री-बिड चर्चा में कुल पांच कंपनियों ने बड़े ही चाव के साथ हिस्सा लिया है. इन पांच कम्पनियों के नाम हैं रूस की स्पुतनिक – वी, फाइजर की पार्टनर डॉ. रेड्डी लैब्स, जइडस कैडिला, साऊथ कोरिया की एक कंपनी, भारत बायोटेक और सीरम इंस्टिट्यूट शामिल हैं.

आपको बता दें कि फाइजर के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें अभी भारत में अनुमति नहीं मिली है और जाइडस की ओर से कहा गया है कि उनका क्लिनिकल ट्रायल अभी चल रहा है और आने वाले अगले माह तक अनुमति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. वही कोरोना वैक्सीन बनाने वाली सीरम इंस्टिट्यूट ने कहा कि हमारे पास पुरे देश भर से वैक्सीन के लिए आर्डर मिले हुयें है ऐसे में टेंडर में हिस्सा लेना मुश्किल है. राज्य सरकार द्वारा निकाले गये टेंडर भरने की आखिरी तारीख 21 मई है.