कोरोना ने एक बार फिर बढ़ाया चिंता, बच्चों में तेजी से फैलने लगा कोरोना का संक्रमण

कोरोना महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप धीरे – धीरे मंद पड़ रहा है. कोरोना के कहर ने पुरे देश में भय और पीड़ा का एक ऐसा मंजर छोड़ा है. जिसकी मिसाल मिलना मुश्किल है. इस महामारी से बचने का अगर कोई कारगर तरीका है तो वह सिर्फ तेजी से टीकाकरण है. कोरोना संक्रमण की रफ्तार अब घट रही है ये खबर हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात है लेकिन इसी के साथ ही कोरोना के तीसरी लहर का आना हमारे लिए काफी चुनौती से भरा हुआ है. कोरोना के तीसरी लहर में अब बच्चों को ज्यादा खतरा है.

आपको बता दें कि कोरोना की तीसरी लहर का असर राजस्थान के दो जिलों में देखा जा सकता है. वहां जो बच्चों की रिपोर्ट आई है. वो बहुत ही डराने वाली है दौसा में 22 दिन में 300 बच्चों को कोरोना ने अपने चपेट में ले रखा है और वहीं सीकर में 83 दिन में 1757 बच्चे कोरोना के कहर का शिकार हो गये हैं. अब बात करते हैं मध्यप्रदेश के बारे में वहां सागर में 30 दिनों के अन्दर में 302 बच्चे संक्रमित हो गये हैं. उत्तराखंड राज्य में 20 दिन में 2044 बच्चे संक्रमित हुए हैं. हलाकि खुशी की बात ये है कि इनमें से लगभग सभी बच्चे इलाज के बाद स्वस्थ हो गये हैं. लेकिन कुछ स्थानों पर स्थिति ठीक न रहने के कारण बच्चों की मृत्यु होने की भी बात सामने आई है.

आईये अब जान लेते हैं बच्चों में कोरोना संक्रमण के प्रारम्भिक लक्षण के बारे में आप को बता दें कि अगर किसी बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही है, बच्चे की नाक बह रही है, उसे तेज बुखार के साथ हलकी खांसी हो और बच्चा पेट दर्द के बारे में बताने के साथ वो थकान महसूस करे इसके अलावां उसे अगर उल्टी या दस्त हो रहा है तो आपको सावधान होना जरूरी है और तुरंत आपको इसके उपचार हेतु कोरोना के डॉक्टरो से संपर्क करना चाहिए. आपको बता दें कि बच्चो में कोरोना संक्रमण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बच्चो के बचाव को लेकर तैयारी की बात कह चुकें हैं.