बिना CAA ही गैर मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने का रास्ता साफ़, गृह मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन, आवेदन मांगे

मोदी सरकार ने जब नागरिकता संशोधन बिल संसद में पास किया तो इसे लेकर मुस्लिमों ने भारी हंगामा किया. देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए. शाहीन बाग़ में कई महीनो तक सड़क घेर कर लोग बैठ गए. विपक्षी दल भी इस क़ानून का विरोध कर रहे थे और मुसलमानों को उकसा रहे थे. लिहाजा अभी तक CAA लागू नहीं हो पाया. लेकिन अब सरकार बिना CAA लागू किये ही देश के अलग अलग हिस्सों में रह रहे गैर मुस्लिम शरणार्थियों को देश की नागरिकता देने जा रही है. गृह मंत्रालय ने इसके लिए एक गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया गया है.

गृह मंत्रालय की तरफ से 28 मई को जारी गैजेट नोटिफिकेशन में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आये गैर मुस्लिम शरणार्थियों से नागरिकता के लिए आवेदन मांगे गए हैं. इस गैजेट के माध्यम से गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ के 13 जिलों में रह रहे शरणार्थियों से आवेदन मांगे गए हैं ताकि उनकी जांच कर नागरिकता देने की प्रक्रिया शुरू की जा सके. गृह मंत्रालय ने नागरिकता कानून 1955 और 2009 में कानून के अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत आदेश के तत्काल कार्यान्वयन के लिए ये अधिसूचना जारी की है.

गैजेट नोटिफिकेशन में जानकारी दी गई है कि  भारत के नागरिक के रूप में पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन होगा जिसमे जिला कलेक्टर या केवल हरियाणा और पंजाब के गृह सचिव जरूरत पड़ने पर मामलों के हिसाब से आवेदन की जांच कराएंगे. इस नोटिफिकेशन ने जिन जिलों से आवेदन मांगे गए हैं उनमे गुजरात के मोरबी, राजकोट, पाटन और वडोदरा में रह रहे हैं. छत्तीसगढ़ में दुर्ग और बलौदाबाजार, राजस्थान में जालौर, उदयपुर, पाली, बाड़मेर और सिरोही, हरियाणा के फरीदाबाद और पंजाब के जालंधर में रहने वाले शरणार्थी आवेदन कर सकते हैं.