बंगाल : हिं’साग्रस्त क्षेत्रों में राज्यपाल के दौरे पर भड़की TMC, पार्टी प्रवक्ता ने राज्यपाल को ये क्या कह दिया

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव ख़त्म हुए और नई सरकार का गठन हुए 15 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन राजनीतिक तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा. पहले तो चुनाव परिणाम आने के बाद भड़की हिं’सा की वजह से भाजपा और TMC के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया और अब राज्यपाल द्वारा हिं’साग्रस्त इलाकों के लगातार दौरे से TMC भड़की हुई है. TMC का आरोप है कि ऐसा कर राज्यपाल नई गठित सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पहले तो सीतलकूची की यात्रा की, जहाँ चौथे चरण के मतदान के दौरान केंद्रीय बलों की फाय’रिंग में चार मतदाताओं की मौ’त हो गई थी. उसके बाद राज्यपाल असम के उन अस्थाई शिविरों में पहुंचे जहाँ चुनाव बाद हुई हिं’सा की वजह से पलायन कर सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता जान बचा कर पहुंचे थे. हिं’सा प्रभावित इलाकों के हालात को देखते हुए राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कह दिया कि ये सब पश्चिम बंगाल शासन पर धब्बा है. जिसके बाद TMC भड़क गई. TMC का कहना है कि राज्यपाल भाजपा के आदमी की तरह काम कर रहे हैं और जानबूझ कर ऐसे नैरेटिव दिखा रहे हैं ताकि राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाए.

तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने राज्यपाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘वह राज्य में बदलाव का आह्वान करके अपनी संवैधानिक स्थिति भूल गए. उनकी अपील खारिज कर दी गई, इसलिए बूढ़ा अब स्पष्ट रूप से निराश है.’ हालाँकि पश्चिम बंगाल में सरकार और राज्यपाल के बीच तनातनी कोई नयी बात नहीं है. जब से जगदीप धनखड़ ने वहान्राज्य्पाल की जिम्मेदारी संभाली है तब से ही ममता सरकार के कामकाज पर उनकी टेढ़ी नज़र रही है. इसी वजह से राज्य में सरकार और राज्यपाल के बीच के रिश्ते सबसे बुरे दौर में पहुँच गए.