चुनाव जीतने के बाद बंगाल में TMC ने शुरू किया खेला, भाजपा कार्यकर्ताओं के को एक एक करके..

पश्चिम बंगाल में जब चुनाव प्रचार चल रहे थे तब ममता बनर्जी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि जब ये केंद्रीय सुरक्षा बल यहाँ से चले जायेंगे तब उन्हें (भाजपा समर्थकों को) कौन बचाएगा? अब जबकि चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. TMC दो तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में आ चुकी है तो बंगाल में वही हो रहा है जिसकी ममता बनर्जी ने कहा था. चुनावों तक दीदी बन कर अपनी ममता दिखाने वाली ममता ने चुनाव जीतते ही अपना रूप दिखाना चुरू कर दिया. TMC के लोग अब भाजपा समर्थकों को परेशान कर रहे है. उनके घरों में भी नही छोड़े जा रहे है. उनके दुकाने तक नही बच रही है. महिलाओं के साथ जो गंदा किया जा सकता है वो भी हो रहा है. लेकिन ममता बनर्जी चुप हैं.

बंगाल में जो हो रहा है वो सरासर बदले की राजनीति है. बंगाल के साथ असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी चुनाव हुए, असम और केरल में सत्ताधारी पार्टियाँ ही जीत कर वापस आई लेकिन कहीं भी बंगाल जैसा कुछ नही हुआ. बंगाल के उनलोगों को हिसाब चुकाना पड़ रहा है जिन्होंने ममता बनर्जी को वोट नहीं दिया और भाजपा को 3 से 77 सीटों तक पहुँचाया.

सोशल मीडिया पर बंगाल से जुड़े कुछ वीडियो फुटेज वायरल हो रहे हैं. जो इतने खराब हैं कि उन्हें देखना भी मुश्किल हो रहा है. भाजपा का कहना है कि बीते दो दिनों में उसके 9 कार्यकर्ताओ की जान चली गयी. पार्टी दफ्तर भी नही बचे. बंगाल के ग्रामीण इलाकों में अच्छा माहौल नही है. और ममता बनर्जी अपने शपथ ग्रहण की तैयारियों में व्यस्त हैं. हालातों का जायजा लेने और जा चुके कार्यकर्ताओं के परिजनों से मिलने के लिए 2 दिनों के बंगाल दौरे पर पहुंचे हैं. केंद्र सरकार ने ममता सरकार से इस पर रिपोर्ट भी मांगी है. भाजपा देशव्यापी धरने दे रही है. और बंगाल के ग्रामीण इलाकों से भाजपा समर्थकों का पलायन हो रहा है. सोशल मीडिया पर बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग हो रही है.